भारत पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2023 की मेजबानी के लिए तैयार है। 13 जनवरी से शुरू होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप के 15वें संस्करण में दुनिया की कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही है। ओडिशा के भुवनेश्वर और राउरकेला में होने जा रहे इस वर्ल्ड कप में भारत की 18 सदस्यीय टीम हिस्सा लेगी, जिसकी कप्तानी ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह करेंगे। 51 वर्षों के इतिहास में ये पहला मौका है जब दो शहर मिलकर विश्व कप का आयोजन करेंगे।
ऐसे बनाए गए हैं वर्ल्ड कप के लिए समूह
हॉकी विश्व कप के लिए कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। इन टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है। भारत ग्रूप डी में शामिल है।
फॉरवर्ड : मनदीप सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, अभिषेक, सुखजीत सिंह
वैकल्पिक खिलाड़ी: राजकुमार पाल, जुगराज सिंह
हेड कोच: ग्राहम रीड
भारत का रहा है ऐसा प्रदर्शन
भारतीय हॉकी टीम बीते 48 वर्षों से हॉकी विश्व कप को नहीं जीत सकी है। अंतिम बार भारत ने वर्ष 1975 में मलेशिया के कुआलालंपुर में हुए हॉकी विश्व कप ट्रॉफी उठाई थी। भारत ने डिफेंडिंग चैंपियन पाकिस्तान को हराकर इस ट्रॉफी पर कब्जा किया था। हालांकि इस भारतीय हॉकी टीम से काफी उम्मीदे हैं। हॉकी विश्व कप से पहले भारतीय टीम टोक्यो में 2021 में हुए ओलंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीतने में सफल हुई थी। वहीं कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल जीता था। ऐसे में इस विश्व कप में भारतीय हॉकी टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद पूरा देश कर रहा है। बता दें कि अब तक विश्व कप का आयोजन 14 बार हो चुका है मगर भारत सिर्फ एक बार ही ट्रॉफी जीत सका है।
ये है सबसे सफल टीम
वहीं हॉकी विश्व कप के इतिहास की बात करें तो इसकी शुरुआत 1971 में हुई थी। पुरुष हॉकी विश्व कप की सबसे सफल टीम पाकिस्तान रही है। पाकिस्तान अब तक चार बार विश्व कप जीत चुकी है। इसके अलावा नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया की टीम तीन-तीन बार हॉकी विश्व कप की विजेता बनी है। इसके अलावा दो बार जर्मनी, भारत और बेल्जियम ने एक एक बार खिताब जीता है। विश्व कप 2023 में बेल्जियम की टीम डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेगी।