बिहार सरकार ने राज्य में एक सींग वाले गैंडों की संख्या में सालाना तीन प्रतिशत वृद्धि करने का लक्ष्य तय किया है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने अगले दो वर्षों में पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में गैंडों के आवास क्षेत्र में पांच प्रतिशत वृद्धि करने का फैसला किया है।
बिहार के मुख्य वन्यजीव वार्डन पीके गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘तीन फरवरी से पांच फरवरी तक चितवन (नेपाल) में आयोजित तीसरी एशियाई राइनो रेंज देशों की बैठक में एक सींग वाले गैंडों की आबादी को तीन प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया।
पांच राइनो रेंज देश भारत, भूटान, इंडोनेशिया, मलेशिया और नेपाल ने एशियाई गैंडों के संरक्षण 2023 के लिए चितवन घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए और एक सींग वाले गैंडों, जावाईऔर सुमात्राई गैंडों की आबादी में कम से कम तीन प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर हासिल करने के इरादे से उनकी आबादी के प्रबंधन पर सहमति व्यक्त की।’’
शिखर सम्मेलन के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे गुप्ता ने कहा कि राज्य में एक सींग वाले गैंडों की आबादी बढ़ाने के इरादे से चितवन में लिए गए फैसलों को बिहार में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘वीटीआर को राष्ट्रीय गैंडा संरक्षण रणनीति के तहत संभावित स्थलों में से एक के रूप में चुना गया है। वीटीआर में सुरक्षा और आवास की स्थिति के आकलन के लिए और अभयारण्य में गैंडों को बसाने की योजना को फिर से शुरू करने के उपायों पर सुझाव देने के लिए जनवरी 2020 में एक सुरक्षा और आवास आकलन समिति का गठन किया गया था।’’
उन्होंने कहा कि वीटीआर में योजना को फिर से शुरू करने के लिए संभावित रूप से पहचाने गए क्षेत्र गनौली और मदनपुर हैं।
गुप्ता ने कहा कि बिहार सरकार का पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग भी राज्य में एक गैंडा कार्यबल गठित करने की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक वयस्क गैंडा पिछले दो वर्षों से वीटीआर में है। इसके अतिरिक्त संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के तहत पटना चिड़ियाघर में 14 गैंडे हैं।
यह भारत में एशियाई एक सींग वाले गैंडों के लिए सबसे बड़ा प्रजनन कार्यक्रम है।
गुप्ता ने कहा कि 2001-2002 के बाद से वीटीआर की सीमा के पार लगभग 15 गैंडों की आवाजाही की सूचना मिली है। मदनपुर वन परिक्षेत्र से गुजरने वाली बगहा-छितौनी रेलवे लाइन पर 2006 से 2013 के बीच रेल हादसों में दो मादा गैंडों की मौत हो गई और इस वजह से उनकी आबादी नहीं बढ़ सकी।
वीटीआर बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित वाल्मीकि अभयारण्य के 909.86 वर्ग किमी के मुख्य क्षेत्र में स्थित है। वीटीआर को 1990 में 18वें टाइगर रिजर्व के रूप में स्थापित किया गया था और बाघों की आबादी के घनत्व में चौथे स्थान पर था। गंडक और मसान नदियां इस क्षेत्र से होकर बहती हैं।