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Maharashtra सरकार के कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, अस्पताल सबसे अधिक प्रभावित

महाराष्ट्र सरकार के लाखों कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही, हालांकि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे काम पर लौटने की अपील की थी। सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल किए जाने की मांग कर रहे हैं
हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों और कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ है।
कर्मचारियों ने शिंदे की एक दिन पहले हड़ताल वापस लेने और सरकार से बातचीत करने की अपील भी अस्वीकार कर दी है।

शिंदे ने सोमवार को वरिष्ठ नौकरशाहों की एक समिति गठित करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि समिति राज्य सरकार के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन लागू करने की मांग पर विचार करेगी और समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट देगी।
राज्य सरकार के कर्मचारियों, अर्द्ध-सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के करीब 35 संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली समिति के संयोजक विश्वास काटकर ने दावा किया कि उनके सदस्य महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में हड़ताल और प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों के निकायों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए।
काटकर ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों ने 2018 में भी इसी तरह का आंदोलन किया था, जिसके बाद एक समिति का गठन किया गया था, लेकिन इसकी रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने 2022 में भी हड़ताल की थी, लेकिन उनकी मांग पूरी करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई।
महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों की जारी हड़ताल के कारण स्वास्थ्य तंत्र चरमरा गया है, जबकि अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

पवार ने विधानसभा में हड़ताल को समाप्त करने के लिए सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो दिन की हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। एच3एन2 फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं और हड़ताल का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। एक अस्पताल में 150 से ज्यादा सर्जरी लंबित हैं। हाल में हुई बेमौसम बारिश के कारण (फसलों को हुए नुकसान) का पंचनामा करने की प्रक्रिया हड़ताल के कारण बंद हो गई है।

महाराष्ट्र नर्सेज एसोसिएशन की सुमित्रा टोटे ने कहा कि हड़ताल में संगठन की 30 जिलों में मौजूद 34 शाखाओं की सदस्यों ने हिस्सा लिया।
सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में कर्मियों की कमी के कारण बाहर से नर्स लाने और प्रशिक्षु नर्सों की सेवा लेने की कोशिश की जा रही है।
पुणे स्थित ससून जनरल अस्पताल के डीन डॉ. संजय ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को 99 प्रतिशत नर्स हड़ताल पर थीं, लेकिन अपील करने पर 10 प्रतिशत नर्स काम पर लौट आईं।
विधानसभा में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना राज्य में 31 अक्टूबर 2005 को समाप्त की गई और तब कांग्रेस के दिवंगत नेता विलास राव देशमुख मुख्यमंत्री थे और जयंत पाटिल तत्कालीन वित्तमंत्री थे। पाटिल फिलहाल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख हैं।

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