पंजाब के मोगा जिले से रविवार सुबह गिरफ्तार किए गए खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के परिवार के सदस्यों ने कहा कि एक महीने से अधिक समय के बाद उसे देखकर उन्हें राहत मिली है और वे अपनी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
अमृतपाल के चाचा सुखचैन सिंह ने अमृतसर में कहा, ‘‘हमें मीडिया के जरिए सुबह सवा सात बजे पता चला कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आज, उसे देखकर परिवार चिंता मुक्त महसूस कर रहा है।’’
एक सवाल के जवाब में अमृतपाल के चाचा ने कहा कि परिवार असम के डिब्रूगढ़ जाएगा और उससे मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।’’
सुखचैन ने कहा, ‘‘पुलिस ने कहा कि अमृतपाल को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे ने कहा कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह एक दो दिन में स्पष्ट हो जाएगा।’’
पंजाब पुलिस ने रविवार तड़के मोगा के रोडे गांव में अमृतपाल को गिरफ्तार कर लिया। वह एक महीने से फरार था।
अमृतपाल को सुबह 6.45 बजे रोडे में हिरासत में लिया गया। आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले रोडे गांव से था और अमृतपाल को पिछले साल इसी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था।
अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि उन्हें उस पर गर्व है, और दावा किया कि उनके बेटे ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। अमृतपाल के पिता ने कहा, ‘‘हम 36 दिन बाद उसका चेहरा देखकर खुश हुए।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसी आशंका थी कि अमृतपाल ने अपने बाल कटवाए हैं, तरसेम सिंह ने कहा, ‘‘हमें यकीन था कि ऐसा नहीं होगा।’’
अमृतपाल की मां बलविंदर कौर ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया है।
कौर ने कहा, ‘‘हमें गर्व है कि उसने उस स्थान पर आत्मसमर्पण किया जहां उसकी पगड़ी बांधने की रस्म हुई थी।’’
कौर ने कहा, ‘‘हम खुश हैं कि हमारे बेटे ने पूर्ण ‘सिखी स्वरूप’ (अपने बाल नहीं कटवाए) के साथ आत्मसमर्पण किया।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि अमृतपाल का एक वीडियो भी आया जिसमें उसने कहा कि वह आत्मसमर्पण करेगा।