आज यानी की 17 जनवरी को मशहूर कवि, गीतकार और स्क्रीनराइटर जावेद अख्तर साहब अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा और साहित्य की दुनिया में अपनी मेहनत से खूब नाम कमाया था। जब जावेद अख्तर मुंबई आए, तो उनको काम के लिए दर-दर भटकना पड़ा था। फिर साल 1969 में उनको पहला ब्रेक मिला था। जिसके बाद उनको पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी। तो आइए जानते हैं उनके बर्थडे के मौके पर जावेद अख्तर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार
ग्वालियर में 17 जनवरी 1945 को जावेद अख्तर का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम जांनिसार अख्तर था। जांनिसार अख्तर अपने जमाने के मशहूर शायर रहे थे। मशहूर शख्सियत के बेटे होने के बाद भी जावेद अख्तर को सिनेमा जगत में अपनी पहचान बनाने के खूब संघर्ष करना पड़ा। सलीम खान और जावेद अख्तर भारत के सबसे फेमस लेखक जोड़ी के रूप में फेमस थे।
मुंबई का सफर
बता दें कि महज 19 साल की उम्र में वह 27 रुपए लेकर मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर उतरे थे। आंखों में बड़े सपने लिए जावेद अख्तर ने कभी भी हार नहीं मानी। वह चार दिनों तक बिना खाए रहे थे। काफी संघर्ष के बाद बॉलीवुड में उनकी किस्मत चमक गई और उन्होंने राइटर सलीम खान के साथ मिलकर शोले जैसी सुपरहिट फिल्म दीं। साल 1975 में रिलीज हुई शोले के लिए फिल्म के लेखकों को करोड़ों में फीस मिली थी। सलीम खान और जावेद अख्तर ने साथ मिलकर ‘दीवार’, ‘काला पत्थर’, ‘त्रिशूल’, ‘डॉन’, ‘शोले’, ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी कई बेहतरीन हिट फिल्में दीं।
लव स्टोरी
जावेद अख्तर की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। शबाना आजमी से शादी से पहले जावेद अख्तर ने फरहान अख्तर की मां हनी ईरानी से 17 साल की कम उम्र में शादी की थी। शबाना जावेद अख्तर की दूसरी पत्नी हैं। शबाना और जावेद की पहली मुलाकात उस दौरान हुई थी, जब जावेद साहब शबाना आजमी के पिता कैफी आजमी के घर कविताएं सुनाने जाया करते थे। जावेद उनकी आर्ट वर्क के दीवाने थे। लगातार कई मुलाकातों के बाद दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ा। फिर जब बात शादी की आई, तो शबाना आजमी की मां इस रिश्ते के खिलाफ थीं। इसकी वजह जावेद साहब का पहले से शादीशुदा होना था। फिर शबाना जब जावेद की जिंदगी में आईं, तो जावेद अख्तर औऱ हनी ईरानी का तलाक हो गया।