आमतौर पर 11 साल की उम्र के बाद से हर लड़की को पीरियड्स होना शुरू हो जाते हैं। जो कि मिड यानी की आधी उम्र तक जारी रहते हैं। किसी महिला को 40 साल की उम्र तक तो किसी को 45 से 50 साल की उम्र तक पीरियड्स होते रहते हैं। पीरियड्स होने का मतलब है कि महिला प्रोडक्टिव और फटाईल है और जब चाहे तब कंसीव कर सकती हैं। कंसीव करने के बाद महिलाओं के अंदर कई तरह के लक्षण नजर आते हैं। प्रेग्नेंसी में थकान, उल्टी, मूड स्विंग, पीठ में दर्द और बार-बार पेशाब जाना आदि शामिल है।
प्रेग्नेंसी के सफर में महिलाओं को पीरियड्स नहीं होते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कंसीव करने के बाद कुछ महिलाओं को ब्लीडिंग हो सकती है। हांलाकि इन दिनों में पीरियड्स के दिन कम होने के साथ ही ब्लीडिंग का फ्लो कम हो सकता है। ऐसे में क्या सिर्फ 1 दिन पीरियड होना प्रेग्नेंसी का संकेत समझा जा सकता है। ऐसे में अगर आपके मन भी यह सवाल है, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।
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एक दिन पीरियड होना
प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। बदलाव होने का मुख्य कारण हार्मोन में होने वाले बदलाव होते हैं। जब किसी महिला को एक या दो दिन पीरियड होता है, तो इसकी एक वजह प्रेग्नेंसी हो सकती है। जब एग गर्भाशय की लाइनिंग से फर्टिलाइज्ड जुड़ता है। तो इंप्लांटेशन से ब्लीडिंग हो सकती है। यह ब्लीडिंग पीरियड में होने वाली ब्लीडिंग से अलग यानी की हल्की होती है। ऐसी ब्लीडिंग सिर्फ 24 से 48 घंटे तक रहती है।
आमतौर पर प्रेग्नेंसी में ब्लीडिंग का रंग हल्का गुलाबी से डार्क ब्राउन हो सकता है। सामान्यतः कंसीव करने के लगभग 10 से 14 दिन बाद इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग होती है। हांलाकि हर प्रेग्नेंट महिला के साथ ऐसा हो, यह जरूरी नहीं होता है। करीब 15 से 25% प्रेग्नेंसी में इंप्लांटेशन ब्लीडिंग होती है।
एक दिन पीरियड होने की वजह
जब किसी महिला को सिर्फ एक या दो दिन पीरियड्स होते हैं, तो यह सामान्य प्रक्रिया नहीं है। बल्कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
महिला में ब्रेस्टफीडिंग करवाने से हार्मोनल बदलाव होते हैं। ऐसे में एक या दो दिन ब्लीडिंग हो सकती है।
हार्मोन थेरेपी, आईयूडी और कंट्रासेप्टिव पिल्स की वजह से ब्लीडिंग हल्की हो जाती है। वहीं इसका टाइम पीरियड भी काफी छोटा होता है।
अधिक एक्सरसाइज होने की वजह से भी इस तरह की समस्या हो सकती है। बता दें कि कई बार पीरियड्स एक्सेसिव एक्सरसाइज करने की वजह से भी अनियमित हो जाते हैं।
स्ट्रेस की वजह से भी एक दिन के लिए पीरियड हो सकता है। क्योंकि अधिक तनाव की वजह से हार्मोन में बदलाव होने लगते हैं, जिसके कारण पीरियड्स प्रभावित हो सकते हैं।
जिन लड़कियों व महिलाओं का अचानक से वजन घट या बढ़ जाता है, उनको भी एक दिन पीरियड हो सकते हैं।