सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) और हैदराबाद क्रिकेट संघ (एचसीए) ने मंगलवार को यहां हुई बैठक के बाद 3,900 निःशुल्क पास आवंटन जारी रखने के लिए आम सहमति पर पहुंच गए।
एसआरएच ने रविवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और आईपीएल संचालन परिषद के हस्तक्षेप करने और एचसीए द्वारा बार-बार की जाने वाली‘ब्लैकमेलिंग’ रणनीति को संबोधित करने की अपील की थी लेकिन राज्य संघ ने इस दावे से इनकार किया।
एसआरएच ने आगे धमकी दी थी कि अगर एचसीए फ्रेंचाइजी को ‘धमकी‘ देना जारी रखता है तो वे अपने घरेलू मैचों को दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने पर विचार करेंगे, मुख्य रूप से अतिरिक्त मानार्थ टिकटों के मुद्दे पर।
मामले को सुलझाने के लिए एचसीए सचिव आर देवराज ने राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में एसआरएच अधिकारियों के साथ बैठक की। चर्चा के लिए एसआरएच के प्रतिनिधि किरण, सरवनन और रोहित सुरेश मौजूद थे।
एचसीए और एसआरएच ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘चर्चा के दौरान फ्रेंचाइजी ने एसआरएच, एचसीए और बीसीसीआई के बीच मौजूदा त्रिपक्षीय समझौते का सख्ती से पालन करने का प्रस्ताव रखा तथा सुनिश्चित किया कि सभी वर्गों में उपलब्ध स्टेडियम क्षमता के दस प्रतिशत के अनुसार इन्हें आवंटित किया जाए। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘एचसीए ने बदले में प्रत्येक श्रेणी में पास के मौजूदा आवंटन को बनाए रखने का प्रस्ताव रखा जो वर्षों से चली आ रही प्रथा के अनुरूप है। ’’
इसके अनुसार, ‘‘एसआरएच के मुख्य कार्यकारी अधिकरी षणमुगम के साथ गहन चर्चा और आगे की टेलीफोन चर्चा के बाद निम्नलिखित प्रस्ताव पर सहमति हुई। एचसीए को 3900 मानार्थ पास का आवंटन अपरिवर्तित रहेगा जो चली आ रही प्रथा के अनुरूप है। ’’
एचसीए ने एसआरएच को पेशेवर तरीके से आगे बढ़ने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
संयुक्त बयान में कहा गया, ‘‘एचसीए और एसआरएच राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों के अनुभव को बढ़ाने के लिए सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।