भारत और श्रीलंका के बीच यहां होने वाले एकदिवसीय मैच के लिए टिकट की दरें बहुत अधिक होने पर आलोचना का सामना कर रहे केरल के खेल मंत्री वी अब्दुर्रहीम ने यह कहकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है कि जो लोग इसे वहन नहीं कर सकते उन्हें मैच देखने जाने की जरूरत नहीं है।
मंत्री से रविवार को जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या सरकार दर्शकों से मनोरंजन कर वसूलने के कथित फैसले को वापस लेने पर विचार करेगी तो उन्होंने विवादास्पद टिप्पणी की।
मंत्री ने कहा, ‘‘ कर कम करने की क्या जरूरत है? यह तर्क ही बेतुका है कि देश में हर चीज की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है तो टिकट को सस्ता किया जाये। जो लोग भूखे मर रहे हैं उन्हें मैच देखने जाने की जरूरत नहीं है।’’
राज्य में विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने गरीबों के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के लिए मंत्री पर जमकर निशाना साधा और कहा कि एक मंत्री को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था।
मंत्री की आलोचना करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने सोमवार को कहा कि राज्य की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई कम्युनिस्ट सरकार में एक मंत्री के इस तरह के ‘अशिष्ट और बेतुके बयान’ को सुनकर लोग ‘हैरान’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री को ऐसे मंत्री को एक घंटे के लिए भी कुर्सी पर नहीं बैठने देना चाहिये। गरीबों की पार्टी होने का दावा करने वाली माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) का इस बारे में क्या कहना है?’’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने सरकार से भारत-श्रीलंका वनडे मैच के लिए लगाए जा रहे मनोरंजन कर में ‘भारी वृद्धि’ को वापस लेने का आग्रह किया।
सुरेंद्रन ने कहा, ‘‘मनोरंजन कर अचानक पांच से 12 प्रतिशत करने से राज्य में क्रिकेट प्रशंसकों की पहुंच से दूर हो गया है। क्रिकेट प्रेमियों को खेल देखने के लिए जीएसटी सहित 30 प्रतिशत कर का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।