लियोनेल मेस्सी का अधूरा सपना आखिरकार पूरा हुआ। अपने कैरियर का आखिरी तिलिस्म तोड़ने में कामयाब रहे इस महानायक के शानदार प्रदर्शन के दम पर अर्जेंटीना पेनल्टी शूटआउट में फ्रांस को4 . 2 से हराकर 36 साल बाद विश्व चैम्पियन बना।
मेस्सी के दो गोल और शूटआउट में तीसरे गोल की मदद से अर्जेंटीना ने काइलियान एमबाप्पे की हैट्रिक के बावजूद फ्रांस को हरा दिया। एमबाप्पे विश्व कप में 56 साल में हैट्रिक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने लेकिन खिताब बचा नहीं सके।
वहीं अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे मेस्सी की उपलब्धियों पर इस खिताब ने महानता की मुहर लगा दी। डिएगो माराडोना (1986) के बाद उन्होंने अपनी टीम को विश्व कप दिलाकर पेले और माराडोना जैसे महानतम खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया।
तारीफ एमबाप्पे की भी करनी होगी जो भविष्य में अपने नाम कई उपलब्धियां जरूर दर्ज करेंगे। उनके तीन गोल ने एकतरफा दिख रहे इस फाइनल को जीवंत कर दिया। वह 1966 के बाद फाइनल में हैट्रिक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने लेकिन आज का दिन मेस्सी के नाम था।
मैच के बाद मैदान पर माइक्रोफोन में मेस्सी ने कहा ,‘‘ लेट्स गो। अर्जेंटीना।’’
मैदान पर भारी तादाद में जमा दर्शकों और दुनिया भर में टीवी के सामने नजरें गड़ाये बैठे फुटबॉल प्रेमियों की सांसें रोक देने वाले रोमांचक मैच में पासा पल पल पलटता रहा। अर्जेंटीना ने 80वें मिनट तक मेस्सी (23वां मिनट) और एंजेल डि मारियो (36वां मिनट) के गोलों के दम पर 2 . 0 की बढत बना ली थी लेकिन एमबाप्पे ने 80वें और 81वें मिनट में दो गोल करके मैच को अतिरिक्त समय तक खिंच दिया।
अतिरिक्त समय में मेस्सी ने 108वें मिनट में गोल दागा तो एमबाप्पे ने दस मिनट बाद फिर बराबरी करके मैच को पेनल्टी शूटआउट में खींच दिया।
शूटआउट में सब्स्टीट्यूट गोंजालो मोंटियेल ने निर्णायक पेनल्टी पर गोल दागा जबकि फ्रांस के किंग्स्ले कोमैन और ओरेलियेन चोउआमेनी गोल करने से चूक गए।
अर्जेंटीना की इस जीत के साथ पिछले चार विश्व कप से यूरोपीय बादशाहत का सिलसिला भी थम गया। आखिरी बार 2002 में ब्राजील ने जापान और दक्षिण कोरिया में विश्व कप जीता था।
अर्जेंटीना ने इससे पहले 1978 और 1986 में खिताब जीता था। पिछले साल कोपा अमेरिका जीतने वाली अर्जेंटीना ने लगातार दूसरा बड़ा खिताब जीता है।