रोहित शर्मा भारतीय टीम के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। विश्व में इनकी पहचान सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज के तौर पर होती है। वर्तमान में वह इंडिया टीम के कप्तान हैं। सारी दुनिया उन्हें हिटमैन के नाम से जानती है। जब रोहित क्रीज पर उतरते है तो कई उम्मीदें साथ उतरती हैं। आज यानि की 30 अप्रैल को वह अपना 36वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे है। रोहित ने आईपीएल में एक-दो बार नहीं बल्कि पांच बार मुंबई इंडियंस को खिताब जितवाया है। आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर रोहित शर्मा के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में…
जन्म
महाराष्ट्र के नागपुर ज़िले के बंसोड़ में रोहित शर्मा का 30 अप्रैल 1987 को उनका जन्म हुआ था। उनके पिता गुरूनाथ शर्मा ट्रांसपोर्ट फर्म हाउस में काम करते थे। उनकी मां का नाम पूर्णिमा शर्मा है। इनका पूरा नाम रोहित गुरुनाथ शर्मा है। रोहित को अपने बचपन में गरीबी और आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ा। आर्थिक तंगी के चलते रोहित का बचपन अपने दादा के साथ बीता था। वह अपने माता-पिता से कभी-कभी मिलने आते थे। रोहित बचपन से ही क्रिकेट खेलने के शौकीन थे।
क्रिकेट के प्रति रुझान
उनका क्रिकेट के प्रति रुझान देखकर रोहित के चाचा ने उन्हें क्रिक्रेट कैंप में भर्ती करवा दिया। जहां पर रोहित की प्रतिभा से प्रभावित होकर उनके कोच दिनेश लाद ने स्कॉलरशिप दिलवाकर रोहित का स्कूल चेंज करवा दिया। रोहित ने अपने करियर की शुरूआत एक गेंदबाज के रूप में की। समय से काथ उनकी बैटिंग प्रतिभा भी निखरती चली गई। उन्होंने एक स्कूल के साथ हुए मैच में शतक जड़ दिया।
क्रिकेटर के तौर पर करियर
कई कोचों को रोहित शर्मा की बल्लेबाजी प्रभावित कर गई थी। जिसकी वजह से साल 2005 में सेंट्रल जोन के खिलाफ पश्चिमी क्षेत्र के लिए उनका चयन देवधर ट्राफी में हो गया। हालांकि रोहित इस मैच में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए। इसके बाद उत्तरी क्षेत्र के खिलाफ रोहित की 142 रन की नाबाद पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। इसके परिणामस्वरूप तीस सदस्यी संभावित खिलाड़ियों की सूची में रोहित को भी शामिल कर लिया गया। फिर रोहित को चैंपियंस ट्राफी में खेलने का मौका मिला।
इसी क्रम में रोहित का सेलेक्शन एनकेपी साल्वे ट्राफी में भी हुआ। रोहित के लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए साल 2006 में उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले मैच के लिए इंडिया ए के लिए सेलेक्ट किया गया। फिर इसी साल रोहित को रणजी ट्राफी में भी खेलने का मौका मिला। शुरूआती असफलताओं के बाद रोहित ने एक बार फिर गुजरात और बंगाल के लिए दोहरा शतक और अर्द्धशतक लगाया।
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण रोहित का भारत और आयरलैंड के साथ मुकाबले के लिए चुना गया। हालांकि बेलफास्ट में खेले गए मैच में रोहित को बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। सितम्बर 2007 में रोहित ने टी20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के धारदार गेंदबाजी के सामने शानदार 50 रन बनाये। टीम को बेहतरीन क्षेत्र रक्षण के द्वारा जीत भी दिलवाई। रोहित के इस परफार्मेंस के चलते भारतीय टीम को सेमीफाइनल में खेलने का अवसर भी मिला। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ भी उन्हें खेलने का मौका मिला।
वनडे में रोहित का बेहतरीन खेल देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तान के साथ मैच में रोहित ने शानदार प्रदर्शन किया और यही से उनको अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनानी शुरू हो गई। हालांकि नए खिलाड़ियों के टीम में आने के कारण रोहित को टीम इंडिया में जगह नहीं मिली। साल 2009 में रोहित ने रंजी ट्रॉफी में तीसरा शतक लगाया। इसके बाद वह बांग्लादेश के खिलाफ हुए मुकाबले के लिए चुने गए। लेकिन बाद में उन्हें इस सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला।
इसी बीच टेस्ट मैच के दौरान रोहित के चोटिल हो जाने के कारण उन्हें बाहर रहना पड़ा। दुर्भाग्य, विफलता और नये खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के चलते रोहित का टीम इंडिया में जगह बनाना मुश्किल हो गया था। इसके साथ ही रोहित को साल 2011 के वर्ल्ड कप में भी बाहर रहना पड़ा। लेकिन साल 2013 में टीम इंडिया के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने रोहित को सलामी बल्लेबाज बनाया। इस पारी के साथ ही रोहित के करियर की नई शुरूआत हुई। यहां से रोहित शर्मा अलग ही लीग में चले गए और अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते आज वह टीम इंडिया के कप्तान बन गए।
अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर
सुरेश रैना के नेतृत्व में रोहित का सेलेक्शन वेस्टइंडीज जाने वाली टीम में हो गया। उस पूरी सीरीज में रोहित ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया था। साथ ही वह मैन ऑफ द सीरिज चुने गये। इसके बाद रोहित का फॉर्म अच्छा चलने लगा। वेस्टइंडीज के साथ श्रृंखला में भी रोहित को मैन ऑफ द सीरीज के लिए चुना गया। भारतीय टीम में सचिन और सहवाग के जाने के बाद टीम इंडिया को ओपनर की कमी काफी खल रही थी। साल 2013 के चैंपियन्स ट्राफी में रोहित शर्मा को शिखर धवन के साथ ओपनर के तौर पर खेलने भेजा गया। मैदान में यह जोड़ी क्लिक कर गई।
रोहित शर्मा का IPL करियर काफी अच्छा रहा। रोहित ने IPL की शुरूआत डेक्कन चार्जर के साथ किया था। हालांकि उस टीम की विफलता के बाद भी रोहित की बैटिंग को लोगों ने काफी सराहा। इसके बाद उनका चयन मुंबई इंडियन में हो गया। वर्तमान में रोहित शर्मा मुंबई इंडियन के कैप्टन हैं। साल 2015 में उनकी टीम ने चेन्नई सुपरकिंग्स को हराकर IPL की ट्राफी अपनी टीम के नाम किया था। साल 2015 में रोहित शर्मा ने 32.55 की औसत से IPL में 3385 रन बनाए। जोकि काबिले तारीफ है।
उपलब्धियां
भारत सरकार द्वारा साल 2015 में रोहित शर्मा को अर्जुन पुरस्कार मिला। भारत में राष्ट्रीय खेल में उत्कृष्ट उपलब्धियों की पहचान के लिए भारत सरकार द्वारा हर साल प्रस्तुत किया जाता है।
रोहित शर्मा को बनडे में दोहरा शतक लगाने के लिए ESPN द्वारा साल 2013 और 2014 में सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाजी का प्रदर्शन करने क्रिकेटर घोषित किया गया।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित शर्मा ने टी – 20 में शतक के लिए साल 2015 के लिए सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी का प्रदर्शन करने वाले क्रिकेटर बनें।