भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप से पहले कुछ सीरीज भी खेलनी है। वर्तमान में भारत और वेस्टइंडीज के बीच भी सीरीज जारी है। इस सीरीज के बीच ही भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने विदेशों में भारत के प्रदर्शन पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कप्तान रोहित शर्मा को लेकर भी कई सवाल उठाए है।
सुनील गावस्कर ने कहा कि रोहित शर्मा से बतौर कप्तान उन्हें बेहतर नतीजों की उम्मीद थी। खासतौर से टी20 फॉर्मेट में क्योंकि रोहित आईपीएल में भी मुंबई इंडियंस के कप्तान रहे है, जिसने पांच बार ट्रॉफी जीती है। मगर रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम फाइनल में भी नहीं पहुंच सकी है, जो निराशाजनक है।
उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा से अधिक उम्मीदें थी। रोहित की अगुवाई में भारतीय टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। भारत में अच्छा प्रदर्शन करें वो अलग बात है। मगर विदेशों में अच्छा प्रदर्शन करना ही टीम की असली परीक्षा होती है, मगर भारतीय टीम का ये प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।” विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप जैसे महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए की गई तैयारी को लेकर भी सुनील गावस्कर ने सवाल उठाया था। उन्होंने वेस्ट इंडीज की टीम का जिक्र करते हुए कहा कि टीम को तैयारी की अधिक समय नहीं मिला है। उन्होंने सुझाव दिया कि वास्तविक तैयारी में अभ्यास मैच खेलना और खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के अवसर प्रदान करना शामिल होगा।
सुनील गावस्कर ने कहा कि असल में जो खिलाड़ी अहम हैं वो जल्दी नहीं जाना चाहते है। अहम खिलाड़ियों के मन में तय है कि उनका चयन टीम में होगा ही इसलिए वो तैयारी के लिए जल्दी जाने के इच्छुक नहीं रहते है। उन्होंने सवाल किया कि ये टीम दुनिया की फिटेस्ट टीम में शुमार है मगर टी20 मुकाबले खेलने के बाद ही टीम पर वर्कलोड प्रेशर आ जाता है।
उन्होंने सुझाव दिया की मैच और सीरीज जीतने के लिए जरुरी है कि सीरीज से 15 दिन पहले ही वॉर्म अप मैच खेले जाएं। शीर्ष खिलाड़ियों को आराम करा सकते हैं और रिजर्व में रखे गए खिलाड़ियों को मौका दिया जा सकता है। रिजर्व में रखे गए खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का मौका नहीं मिलता है। उन्होंने कपिल देव का भी उदाहरण दिया। सुनील गावस्कर ने कहा कि कपिल देव ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो जिम गए बिना भी पूरी तरह से फिट हुआ करते थे। वो सिर्फ ग्राउंड पर दौड़ते थे। प्रैक्टिस के लिए गेंजबाजी और बल्लेबाजी दोनों करते थे।