भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी चार मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम मुकाबले में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने धमाकेदार बल्लेबाजी की और टेस्ट करियर का 28वां शतक जड़ा। हालांकि इस दौरान वो दोहरा शतक लगाने से चूक गए। उन्होंने 186 रनों की पारी 364 गेदों में खेली। भारत के पास पहली पारी में 91 रनों की बढ़त है। भारत की टीम चौथे दिन 571 रनों पर आउट हुई है।
इससे पहले शुभमन गिल ने भी धमाकेदार शतक जड़ा था। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के टॉड मर्फी और नाथन लियोन ने तीन-तीन विकेट झटके। भारत का चौथा विकेट रवींद्र जडेजा के रूप में गिरा। जडेजा (28) रन बनाकर टॉड मर्फी की गेंद पर आउट हो गए। सुबह के सत्र में भारतीय टीम रविंद्र जडेजा (28) के रूप में एकमात्र विकेट गंवाने के बावजूद सिर्फ 73 रन ही जोड़ सकी लेकिन दूसरे सत्र में मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने तेजी से रन जुटाए। वह हालांकि टॉड मर्फी की गेंद पर भाग्यशाली रहे जब लांग ऑफ पर उस्मान ख्वाजा ने उनका कैच छोड़ दिया और गेंद छह रन के लिए चली गई। जडेजा को सुबह के सत्र में भी रन बनाने के लिए जूझना पड़ा और वह अंतत: मर्फी की गेंद पर मिड ऑन पर ख्वाजा को कैच दे बैठे। कोहली ने सुबह के सत्र में रक्षात्मक रुख अपनाया जिससे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज धीमी पिच पर नियंत्रण के साथ गेंदबाजी करने में सफल रहे। इस पूर्व भारतीय कप्तान ने सुबह के सत्र में एक भी बाउंड्री नहीं लगाई। भरत सपाट पिच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ खेले और उनका डिफेंस भी अधिक मजबूत रहा। उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ पैर आगे निकालकर अच्छा रक्षात्मक खेल दिखाया। भरत ने सुबह के सत्र में लियोन पर स्लॉग स्वीप से छक्का भी जड़ा। श्रृंखला में अब तक बल्ले से नाकाम रहे भरत ने कैमरन ग्रीन पर पुल और हुक करके लगातार दो छक्के लगाए।
भारतीय टीम का पांचवा विकेट केएस भरत के रूप मे गिरा, जिन्होंने 44 रन बनाए। श्रृंखला में अब तक बल्ले से नाकाम रहे भरत ने कैमरन ग्रीन पर पुल और हुक करके लगातार दो छक्के लगाए। वह हालांकि लियोन की गेंद पर शॉर्ट लेग पर पीटर हैंड्सकॉम्ब को कैच देकर अपने पहले अर्धशतक से चूक गए। उन्होंने अपनी पारी में दो चौके और तीन छक्के मारे। भरत के आउट होने के बाद कोहली ने शतक पूरा किया और फिर कुछ आकर्षक शॉट लगाए। भारत की टीम को छठा विकेट अक्षर पटेल के तौर पर लगा। अक्षर पटेल और विराट कोहली ने मिलकर टीम को मजबूत स्थिति दी है। अक्षर पटेल ने 113 गेंदों में पांच चौको और चार छक्कों की मदद से 79 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने भी कुछ अच्छे शॉट खेले।
दोनों के बीच सौ रन से अधिक की पार्टनरशिप हुई है। सातवां विकेट रविचंद्रन अश्विन के रूप में गिरा जो 12 गेंदों में सात रन बनाकर पवेलियन लौटे। भारतीय पारी सिमटने से पहले भारत को आठवां झटका उमेश यादव के रूप में लगा। उमेश खाता खोले बिना ही पवेलियन लौटे, जिन्हें पीटर हैंड्सकॉम्ब ने रन आउट किया।
कोहली ने सुबह के सत्र में रक्षात्मक रुख अपनाया जिससे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज धीमी पिच पर नियंत्रण के साथ गेंदबाजी करने में सफल रहे। इस पूर्व भारतीय कप्तान ने सुबह के सत्र में एक भी बाउंड्री नहीं लगाई। भरत सपाट पिच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ खेले और उनका डिफेंस भी अधिक मजबूत रहा। उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ पैर आगे निकालकर अच्छा रक्षात्मक खेल दिखाया। भरत ने सुबह के सत्र में लियोन पर स्लॉग स्वीप से छक्का भी जड़ा।