Breaking News

Virat Kohli Century: जब राहुल द्रविड़ से बोले विराट कोहली, मैं 40-45 रन बनाकर खुश नहीं होता

विराट कोहली भारत के जबरदस्त बल्लेबाजी क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में उन्होंने अपने बल्ले से कमाल किया है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में वह कई महीनों से खराब फॉर्म से गुजर रहे थे। लेकिन अहमदाबाद में उन्होंने शानदार फॉर्म में वापसी करते हुए 186 रनों की शानदार पारी खेली। इसके साथ ही 3 सालों से चला आ रहा शतक का सूखा भी उनका खत्म हो गया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। मैच के बाद विराट कोहली और कोच राहुल द्रविड़ के बीच मजेदार बातचीत हुई। इस दौरान राहुल द्रविड़ ने विराट कोहली के मजे लिया और कहा कि मैं बतौर दर्शक आपसे कई महीने से टेस्ट शतक का इंतजार कर रहा था। द्रविड़ ने कहा कि वह दिन आ ही गया जब हमने विराट कोहली की एक और सेंचुरी देखी।
 

इसे भी पढ़ें: Virat Kohli में दिखी Sachin Tendulkar की झलक, Sydney में खेली गई 241 रन की ऐतिहासिक पारी की आई याद

वही, विराट कोहली ने साफ तौर पर कहा कि मुझे पता है कि मैं अच्छा खेल रहा हूं। ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने काफी अच्छी बॉलिंग की। मेरे लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों ने 7-2 की फील्डिंग लगाई। इसलिए बाउंड्री आसान नहीं था। मैंने सिंगल और डबल पर ज्यादा निर्भर रहना पसंद किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब आप सेंचुरी नहीं जमाते हो तो बतौर बल्लेबाज यह बात आपको परेशान कर सकती है। लेकिन मैं खुद ऐसा व्यक्ति हूं जो 40-45 से कुछ नहीं होता क्योंकि अगर मैं 40 बार कर लेता हूं तुम्हें डेढ़ सौ रन भी बना सकता हूं। हालांकि मेरे लिए कोई आंकड़ा मायने नहीं रखता है। आपको बता दें कि विराट कोहली ने अहमदाबाद टेस्ट में अपना 28 वां शतक जड़ा है। इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम 75 शतक हो गए हैं। 
 

इसे भी पढ़ें: Mahakaal के आशीर्वाद के बाद चमका विराट का बल्ला, तीन साल बाद जमाया शतक, अब रोके नहीं रूकेगा जलवा

मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने जाने के बाद कोहली ने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी के रूप में मेरी स्वयं से जो अपेक्षाएं हैं वे मेरे लिए अधिक महत्वपूर्ण हैं।’’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 75 शतक जड़ चुके कोहली ने कहा, ‘‘मैं अब उस जगह पर नहीं हूं जहां मैं मैदान पर उतरूं और किसी को गलत साबित करूं। मुझे इसे भी सही ठहराने की जरूरत है कि मैं मैदान पर क्यों हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में मैं पिछले कुछ समय में उस लय के साथ नहीं खेल पा रहा था जिसके साथ मैं पिछले 10 वर्षों से खेल रहा हूं। इसलिए मैं यही एक चीज करने की कोशिश कर रहा था। मुझे लगा जैसे कि मैं नागपुर में पहली पारी से काफी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं।’’ कोहली ने स्वीकार किया कि वह टेस्ट प्रारूप में स्वयं को दोहरा नहीं पा रहे थे इसलिए उन्हें अधिक मेहनत करनी पड़ी।

Loading

Back
Messenger