16 जनवरी की रोज अल सुबह तकरीबन ढाई बजे का वक्त एक अंजान शख्स बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान के घर में मौजूद था। जिसने सैफ पर धारदार हथियार से हमला किया। घर में अफरा तफरी मच चुकी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चूंकि उस वक्त घर में कोई ड्राइवर मौजूद नहीं था तो सैफ को उनके 23 साल के बेटे इब्राहिम ऑटो में लेकर अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। फिलहाल सैफ लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें अगले कुछ दिनों में वहां से डिस्चार्ज किया जा सकता है। दरअसल, रात के ढाई बजे हाउसहेल्प के चिल्लाने की आवाज आई। वो कह रही थी कि बच्चों के कमरे में कोई अजनबी शख्स है। इसके बाद सैफ का उसके साथ आमना सामना हुआ। इस हाथापाई में उस हमलावर ने सैफ पर छह बार हमला किया। जिससे वो घायल हो गए। सूत्र का ये भी दावा है कि जिस वक्त ये सब कुछ हुआ उस वक्त घर में करीना कपूर, उनके बेटे तैमूर और जेह मौजूद थे। मुंबई के खार स्थित गुरु शरण अपार्टमेंट वाले हाई सिक्योरिटी में रह रहे एक्टर के घर में इस तरह की घटना होने के बाद सोशल मीडिया पर तरह तरह की कंस्पिरेसी थ्योरी चलने लगी है। कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं और इसे काला हिरण कांड से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।
बीते साल अप्रैल के महीने में सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग के बाद कई सवाल उठने लगे थे। कहा जाने लगा कि क्या मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एंट्री हो रही है? अब सैफ अली खान पर जानलेवा हमले के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। आपको बता दें कि सलमान खान पर जिस काले हिरण के शिकार का आरोप लगा है उसमें सैफ अली खान पर भी आरोप लगे थे।
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हम साथ साथ है फिल्म की शूटिंग के वक्त क्या हुआ था
यह मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। उस समय राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग राजस्थान के जोधपुर में हो रही थी। इस फिल्म के अभिनेता सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम कोठारी शूटिंग कर रहे थे। कहा जाता है कि उसी दौरान इन लोगों ने दो चिंकारा और तीन काले हिरण का शिकार किया था। इसको लेकर बिश्नोई समाज ने इन अभिनेताओं पर दो मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा लगभग 20 साल तक चला और आखिर में इन सभी अभिनेताओं को आरोप से बरी कर दिया गया। हालांकि बिश्नोई समाज के लोगों ने कहा था कि हम सबने देखा था कि सलमान खान के हाथ में पिस्तौल थी। रात के 12 बजे हम सबने सलमान खान का पीछा किया था।
सैफ अली के पिता मंसूर अली भी काला हिरण मारने के दोषी
सैफ अली खान के अब्बा और पटौदी के नवाब रहे क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी ने भी साल 2005 में काले हिरणों का शिकार किया था। उन्होंने हरियाणा के झज्जर में हिरणों का शिकार किया था। जिस दिन मंसूर अली खान ने हिरणों को मारा था, उस दिन 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस था। तब झज्जर के एसएचओ ने पटौदी और उनके शिकारी टीम के 6 सदस्यों को पकड़ा था। इस मामले में फरीदाबाद की विशेष पर्यावरण अदालत ने जनवरी 2015 में सभी 6 लोगों को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। हालाँकि, मंसूर अली खान पटौदी का इससे पहले ही साल 2011 में मौत हो गई थी।
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बिश्नोई समाज में जानवर को भगवान तुल्य मानते हैं
जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई कई बार सलमान को जान से मारने की धमकी दे चुका है। साल 2023 में एक कथित टीवी इंटरव्यू में लॉरेंस ने कहा था कि सलमान ने बिश्नोई समाज का अपमान किया है। वो उनसे बदला लेना चाहता है। लॉरेंस ने कहा था कि सलमान खान को मारना उसके जीवन का मकसद है। सलमान का नाम 1998 के काला हिरण केस में शामिल था। 2019 में काले हिरण के शिकार के केस में सलमान को दोषी भी करार दिया गया था। मालूम हो कि बिश्नोई समाज जोधपुर के पास पश्चिमी थार रेगिस्तान से आता है। इन्हें प्रकृति के प्रति प्रेम के लिए जाना जाता है। बिश्नोई समाज में जानवर को भगवान तुल्य मानते हैं।