Breaking News

असंतोष की आवाज कुचलने में माहिर है भाजपा, मेरे रुख बदलने का कोई कारण नहीं: जयंत चौधरी

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की चर्चाओं को अटकल बताकर खारिज करते हुए पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने सोमवार को कहा कि कई राजनीतिक दल भाजपा के साथ हाथ मिलाने में सहज नहीं महसूस कर रहे क्योंकि वह असंतोष की आवाज को कुचलने में बहुत माहिर है।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल रालोद के नेता जयंत चौधरी ने कहा कि उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी सोच बदलने की कोई वजह नहीं नजर आती।

इसे भी पढ़ें: Chandrayaan-3 Mission: Pragyan rover के रास्ते में आया चार मीटर व्यास का गड्ढा, अब नए रास्ते पर जा रहा

विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की मुंबई में होने वाली अहम बैठक से पहले ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में रालोद नेता ने कहा कि आगे कांग्रेस की भूमिका बड़ी रहने वाली है क्योंकि यह जाना-पहचाना नाम है और देश में बड़ी संख्या में लोग लंबे समय से उसे वोट देते रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कई राज्यों में क्षेत्रीय दल जमीन पर अधिक प्रभावी हैं, संभवत: उन्हें अधिक तवज्जो दी जानी चाहिए ताकि हम भाजपा का मुकाबला अधिक प्रभावी तरीके से कर सकें। लेकिन कुछ क्षेत्र हैं जहां अन्य दलों के संगठन नहीं हैं।

इसे भी पढ़ें: शादी के बंधन में बंधने वाले थे किशन हलाई और रूपल वेकारिया, आग ने छीन ली दोनों की जिंदगी

वहां कांग्रेस की बड़ी भूमिका होगी।’’
‘इंडिया’ को ‘घमंडिया’ कहने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा पर हमला बोलते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि अगर किसी नेता के पास बहुमत होता है, वह दो कार्यकाल पूरे करता है और यदि वह इसी तरह विपक्ष पर हमले करता है, तो यह विश्वास में कमी, घबराहट और बुनियादी रूप से अलोकतांत्रिक प्रकृति को दर्शाता है।
राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए अपमानजनक नहीं है, हमें ऐसे शब्दों की आदत हो गई है। लेकिन यह उन मतदाताओं के लिए अपमानजनक है जिन्होंने अतीत में हमें वोट दिया था और भविष्य में भी हमारे लिए वोट कर सकते हैं।’’

भाजपा द्वारा उनसे संपर्क किये जाने और उनकी पार्टी के राजग में शामिल होने की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर रालोद नेता ने कहा कि यह अटकलबाजी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भाजपा, उसका मौजूदा नेतृत्व ऐसा दर्शाना चाहते हैं कि वे बहुत बड़े दिल वाले हैं और वे अनेक नेताओं को गले लगाते हैं और राजग में विभिन्न दलों को शामिल करते हैं। जब पिछले नौ साल में उनका काम देखो तो ऐसा कुछ नहीं नजर आता।’’
चौधरी ने कहा, ‘‘पार्टी के रूप में भाजपा पिछले कुछ साल में बहुत बदल गई है। वे अब यह नहीं कह सकते कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं की बात सुनती है, आलोचना सुनती है या विभिन्न विचारों के लोगों को अपनाती है। आज की भाजपा ऐसी नहीं है।’’

चौधरी ने कहा, ‘‘भाजपा आज एक प्रभावी चुनावी मशीन के रूप में जानी जाती है। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और उनका पूरा ध्यान चुनावों पर है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या यह तय हो गया है कि रालोद 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के साथ रहेगा, चौधरी ने कहा, ‘‘मुझे बड़े परिप्रेक्ष्य के साथ सोचना होगा और मैं वह कर रहा हूं।’’
विपक्षी गठबंधन में नेतृत्व की कोई चर्चा नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर जयंत चौधरी ने कहा, ‘‘एक तरफ शासन की एकल शैली है और हम ऐसे नेतृत्व को प्रस्तुत करने जा रहे हैं जो सामूहिक, अनुभवी हो, जिसने विभिन्न क्षमताओं के साथ भारत का नेतृत्व किया हो और हम मिलकर काम कर रहे हैं।

Loading

Back
Messenger