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Delhi के Majnu Ka Tila में पाकिस्तानी हिंदुओं पर नहीं चलेगा बुलडोजर, Supreme Court ने लगाई रोक।

सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान से पलायन कर रहे अनुसूचित जाति के हिंदुओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें केवल भारतीय नागरिकता देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाए। ये टिप्पणियां दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में सिग्नेचर ब्रिज के पास रह रहे इन परिवारों के संभावित विस्थापन से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान की गईं। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटेश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि नागरिकता मिलने के बावजूद, निवासियों को अभी भी क्षेत्र से बेदखल किए जाने का खतरा बना हुआ है।

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अदालत ने इस बात पर भी जोर दिया कि नागरिकता के साथ-साथ पर्याप्त पुनर्वास और आवास के उपाय भी होने चाहिए ताकि ये समुदाय गरिमापूर्ण जीवन जी सकें। अदालत ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया, साथ ही इस बीच किसी भी प्रकार के बेदखली अभियान या विकास परियोजनाओं पर रोक लगा दी, जिससे परिवारों का विस्थापन हो सकता है। यह अंतरिम सुरक्षा लगभग 250 परिवारों को कवर करती है, जिससे 1,000 से अधिक लोग प्रभावित होते हैं, जो वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और अब अपने आवास और पुनर्वास के संबंध में अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

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