दिल्ली शराब नीति पर कैग की रिपोर्ट: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार (27 फरवरी) को शराब नीति पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट लोक लेखा समिति (पीएसी) को भेज दी। इस मामले पर पीएसी का गठन किया जाएगा और समिति को तीन महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। इसके साथ ही अध्यक्ष ने आबकारी विभाग को एक महीने के भीतर की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है।
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दिल्ली आबकारी नीति पर कैग की रिपोर्ट
‘दिल्ली में शराब के विनियमन और आपूर्ति पर प्रदर्शन लेखा परीक्षा रिपोर्ट’ पर कैग की रिपोर्ट 25 फरवरी को नवनिर्वाचित दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र के दौरान पेश की गई। राष्ट्रीय राजधानी में शराब के विनियमन और आपूर्ति पर भारत के कैग की प्रदर्शन लेखा परीक्षा रिपोर्ट में आबकारी विभाग के कामकाज और उसकी नीति में खामियां सामने आई हैं, जिसके कारण 2,026.91 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व घाटा हुआ है।
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रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शराब की बोतलों के लिए भुगतान किया गया था, जो पॉइंट ऑफ़ सेल (POS) पर बारकोड स्कैनिंग के ज़रिए प्रमाणित नहीं थे। दिल्ली की पिछली AAP सरकार ने 2021-22 की आबकारी नीति को बड़े विवाद के साथ लॉन्च किया था, जिसके कारण अरविंद केजरीवाल सहित इसके शीर्ष नेताओं को जेल जाना पड़ा था। जुलाई 2022 में उपराज्यपाल वी के सक्सेना द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद नीति को रद्द कर दिया गया था।