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जेल में चंद्रबाबू नायडू के जीवन को खतरा : नारा लोकेश

तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के महासचिव नारा लोकेश ने शुक्रवार को कहा कि जेल में बंद उनके पिता एवं तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू की जान को खतरा है।
नारा लोकेश ने दावा किया कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नायडू का वजन कम हो गया है और वह राजा महेंद्रवरम केंद्रीय कारागार में समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के कारण संक्रमण और एलर्जी से पीड़ित हैं।
नारा लोकेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ‘‘ चंद्रबाबू नायडू गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं। मच्छरों, दूषित पानी, वजन घटने, संक्रमण और एलर्जी से निपटने के लिए… उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता मुहैया नहीं कराई जा रही है। आंध्र प्रदेश सरकार उन्हें स्टेरॉयड देने की कोशिश कर रही है। ’’
पूर्व मंत्री लोकेश ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री की जान पर निस्संदेह रूप से खतरा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा क्या है जो प्रशासन और सरकारी चिकित्सकछुपाना चाह रहे हैं? अगर नायडू को कोई नुकसान हुआ, तो इसके लिए जगन मोहन रेड्डी जिम्मेदार होंगे। ’’
चंद्रबाबू नायडू की पत्नी नारा भुवनेश्वरी ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने पति के स्वास्थ्य को लेकर बहुत चिंतित हैं, क्योंकि आंध्र प्रदेश सरकार कथित तौर पर उन्हें समय से इलाज मुहैया कराने में विफल रही है।
नारा भुवनेश्वरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ उनका वजन पहले ही पांच किलोग्राम कम हो चुका है और आगे वजन घटने से उनके गुर्दों पर गंभीर असर हो सकता है। जेल में पानी की टंकियां साफ नहीं हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। ये गंभीर परिस्थितियां मेरे पति के जीवन के लिए स्पष्ट और तत्काल खतरा पैदा करती हैं। ’’
नायडू की बहू ब्राह्मणी नारा ने आरोप लगाया कि तेदेपा सुप्रीमो को अपर्याप्त और अस्वच्छ जेल परिस्थितियों में हिरासत में रखा गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य को काफी खतरा है।

इस बीच, तेदेपा के प्रदेश अध्यक्ष के अचेन नायडू ने मांग की कि चंद्रबाबू नायडू के निजी चिकित्सकों को जेल में उनके स्वास्थ्य की जांच करने की अनुमति दी जाए।
तेदेपा के प्रवक्ता के. पट्टाभिराम ने कहा कि विपक्षी दल नायडू को किसी सुपर स्पेशलिटी या सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए कानूनी सहारा लेगा, जहां सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
पट्टाभिराम ने आरोप लगाया कि जेल अधिकारी उनके स्वास्थ्य के बारे में सही जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘ चंद्रबाबू निर्जलीकरण से पीड़ित हैं और दूसरी ओर उन्हें त्वचा की कुछ एलर्जी भी है। जेल के अंदर उन्हें दी गई चिकित्सा सुविधा बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है। ’’
तेदेपा नेता ने यह भी मांग की कि पिछले तीन दशकों से चंद्रबाबू नायडू की देखभाल कर रहे चिकित्सकों की टीम को जेल के अंदर उनका इलाज करने की अनुमति दी जाए।
पट्टाभिराम ने नायडू के स्वास्थ्य पर दैनिक स्वास्थ्य बुलेटिन भी जारी करने की मांग की।
इस बीच, जेल अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बेहतर महसूस कर रहे हैं और वास्तव में उनका वजन बढ़ा है।
तटीय आंध्र प्रदेश क्षेत्र जेल उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) एम आर रवि किरण ने पीटीआई-से कहा, ‘‘ चंद्रबाबू के जेल में आने के दौरान उनका वजन 66 किलोग्राम दर्ज किया गया था। बृहस्पतिवार को यह 67 किलोग्राम था। ’’
उन्होंने कहा कि तेदेपा सुप्रीमो का स्वास्थ्य ठीक है और उन्होंने वजन घटने के दावों को अफवाह बताया।
अधिकारी ने बताया कि नायडू के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की दिन में दो बार जांच की जाती है।
उन्होंने कहा कि त्वचा की एलर्जी की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को त्वचा विशेषज्ञों की एक टीम ने नायडू की जांच की। जेल अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री को चिकित्सकों द्वारा बताई गई सभी दवाएं उपलब्ध कराईं।
आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने तेदेपा प्रमुख नायडू को 300 करोड़ रुपये से अधिक के कथित कौशल विकास निगम घोटाला मामले में नौ सितंबर को गिरफ्तार किया था।

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