प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने नौवें आरोप पत्र में विनोद चौहान नामक एक व्यक्ति को आरोपी के रूप में नामित किया। इस जांच के तहत मई में संघीय एजेंसी ने चौहान को गिरफ्तार किया था। उत्पाद शुल्क मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की उत्पाद शुल्क नीति को तैयार करने और क्रियान्वित करने में कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था।
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ईडी ने कहा कि के कविता के एक स्टाफ सदस्य के बयान से पता चला कि उसने अभिषेक बोइनपल्ली के निर्देश पर आरोपी दिनेश अरोड़ा के कार्यालय से नकदी से भरे दो भारी बैग एकत्र किए और इसे विनोद चौहान को सौंप दिया। सूत्रों ने कहा कि एक नई और नौवीं अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) यहां एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष दायर की गई थी, जिसमें विनोद चौहान का नाम शामिल था। इस मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने वाले वह 18वें व्यक्ति थे, जिसमें ईडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, उनकी पार्टी के सहयोगी और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया, आम आदमी पार्टी (आप) सांसद को भी हिरासत में लिया था।
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ईडी ने कविता की गिरफ्तारी के संबंध में एक अदालत के समक्ष प्रस्तुत एक आधिकारिक दस्तावेज में इस मामले में चौहान की कथित भूमिका का उल्लेख किया है। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के.सक्सेना ने कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया।