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Yes, Milord | प्राचीन शिव मंदिर को गिराने का आदेश बरकरार, SC की AAP सरकार को फटकार, जानें इस हफ्तें कोर्ट में क्या हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बने शिव मंदिर को गिराने की इजाजत दी। किस बात को लेकर मुसीबत में आ गईं दिल्ली CM की पत्नी सुनीता केजरीवाल। नीट पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा टैंकर माफिया पर आपने क्या एक्शन लिया? स्वाति मालीवाल हमला मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने बिभव की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा है। इस सप्ताह यानी 10 जून से 15 जून 2024 तक क्या कुछ हुआ? कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट और टिप्पणियों का विकली राउंड अप आपके सामने लेकर आए हैं। कुल मिलाकर कहें तो आपको इस सप्ताह होने वाले भारत के विभिन्न न्यायालयों की मुख्य खबरों के बारे में बताएंगे। 
मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता केजरीवाल को झटका, कोर्ट ने भेजा नाोटिस 
दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को आबकारी नीति मामले से संबंधित अदालती कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग विभिन्न सोशल मीडिया मंचों से हटाने का शनिवार को निर्देश जारी किया। वीडियो में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल एक अधीनस्थ अदालत में अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की खंडपीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनीता केजरीवाल समेत छह लोगों और सोशल मीडिया मंच एक्स ‘मेटा’ और ‘यूट्यूब’ को नोटिस जारी किए हैं। उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया मंचों को यह भी निर्देश दिया कि यदि उनके संज्ञान में आता है कि ऐसी ही सामग्री दोबारा पोस्ट की गई है तो वे उसे भी हटा दें। 
NEET-UG परीक्षा रद्द करने और कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग 
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-यूजी 2024 को रद्द करने और पांच मई को आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शीर्ष अदालत की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने अपील की गई है। इस परीक्षा में शामिल हुए 20 छात्रों द्वारा दायर याचिका में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और अन्य को परीक्षा नए सिरे से आयोजित करने का निर्देश देने की भी अपील की गई है। राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक)-2024 को लेकर सवाल उठाने वाली अलग-अलग याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों की सीबीआई से जांच के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र और एनटीए से जवाब मांगा था। नयी याचिका में कहा गया है कि व्यापक अनियमितताओं और धांधली को देखते हुए पुन: परीक्षा से केवल योग्य छात्रों को चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश पाने में मदद मिलेगी। 
प्राचीन शिव मंदिर को गिराने का आदेश बरकरार 
सुप्रीम कोर्ट ने यमुना के डूब क्षेत्र के पास गीता कॉलोनी स्थित प्राचीन शिव मंदिर को गिराने के आदेश को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा, ‘‘प्राचीन मंदिर के निर्माण की शुरुआत का प्रमाण कहां है? प्राचीन मंदिर पत्थरों से बनाए जाते थे, न कि सीमेंट से और उस पर रंग-रोगन भी नहीं किया जाता था।’’ उच्च न्यायालय ने 29 मई को कहा था कि भगवान शिव को किसी के संरक्षण की आवश्यकता नहीं है और इसने यमुना नदी के किनारे अनधिकृत तरीके से बनाए गए मंदिर को हटाने से संबंधित याचिका में उन्हें (भगवान शिव को) पक्षकार बनाने से इनकार कर दिया था। 

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सुप्रीम कोर्ट की AAP सरकार को फटकार 
पानी की कमी से जूझ रही राष्ट्रीय राजधानी में टैंकर माफिया को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को उच्चतम न्यायालय द्वारा फटकार लगाए जाने के एक दिन बाद, दिल्ली सरकार ने दावा किया कि यमुना नदी के हरियाणा वाले हिस्से में टैंकर माफिया सक्रिय हैं, जिस पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। दिल्ली सरकार ने शीर्ष अदालत के समक्ष दायर अपने हलफनामे में कहा कि पानी के टैंकरों की जरूरत उन क्षेत्रों में है, जो पानी की आपूर्ति लाइन से जुड़े नहीं हैं या जहां आपूर्ति अपर्याप्त है। हलफनामा के अनुसार, शहर में दिल्ली जल बोर्ड और निजी टैंकरों द्वारा प्रतिदिन लगभग 50 से 60 लाख गैलन पानी की आपूर्ति की जाती है, जो कुल आपूर्ति का केवल आधा प्रतिशत है। इसमें कहा गया है, ‘‘दिल्ली जल बोर्ड पानी के टैंकरों की उपलब्धता में सुधार करने की कोशिश कर रहा है, ताकि निजी टैंकरों को भी सार्वजनिक टैंकरों से बदला जा सके। याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार से पूछा कि क्या टैंकर माफिया के खिलाफ कोई कदम उठाया गया है या कार्रवाई की गई है? सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर आप टैंकर माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं तो हम दिल्ली पुलिस से उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहेंगे। 

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बिभव की जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा 
दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) से राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल पर कथित हमले से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार की जमानत याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली पुलिस से जबाव मांगा। न्यायमूर्ति अमित शर्मा की अवकाशकालीन पीठ ने जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया और दिल्ली पुलिस से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। कुमार फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और आरोप हैं कि उन्होंने 13 मई को मुख्यमंत्री केजरीवाल के सरकारी आवास पर मालीवाल पर हमला किया था। इस मामले में कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले तीस हजारी अदालत ने कुमार को सात जून को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि उन पर लगाए गए आरोप ‘‘गंभीर’’ हैं और ऐसी आशंका है कि वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

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