कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार कोभारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ दल के सात नेताओं ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए नए सूट सिलवाए हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद वे सभी निराश होंगे।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह राज्य के सागर जिले के जैसीनगर शहर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपना पद छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
सिंह ने कहा कि भूपेंद्र सिंह (शहरी प्रशासन मंत्री), गोपाल भार्गव (लोक निर्माण विभाग मंत्री), नरोत्तम मिश्रा (गृह मंत्री), नरेंद्र सिंह तोमर (केंद्रीय कृषि मंत्री), कैलाश विजयवर्गीय (भाजपा महासचिव), वी डी शर्मा (मप्र भाजपा प्रमुख) प्रदेश में शीर्ष पद की शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं।
सिंह ने दावा किया, ‘‘सात नेता तैयार हैं (खुद को मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार मानते हुए)…उन्होंने सूट सिलवाए और मौके का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन उन्हें मौका नहीं मिलेगा क्योंकि कमलनाथ (मप्र कांग्रेस प्रमुख) नवंबर 2023 में पद की शपथ लेंगे।’’
सिंह ने इससे पहले भी कई दफा यह कहा है कि कमलनाथ आगामी चुनावों में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
वर्ष 2003 से मध्य प्रदेश में सत्ता में रही भाजपा 2018 का विधानसभा चुनाव हार गई थी। कांग्रेस, निर्दलीय और समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायकों की मदद से राज्य के पिछले चुनाव के बाद सत्ता में आई थी। हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति वफादार लगभग दो दर्जन विधायकों की बगावत के बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार 15 माह की सत्ता के बाद मार्च 2020 में गिर गई।
उसके बाद चौहान चौथी बार मुख्यमंत्री बने।
सिंह ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में जब भी भाजपा सत्ता में आती है तो वह व्यापार पर अधिक तथा जनसेवा पर कम ध्यान देती है। राज्यसभा सदस्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों को गेहूं की अपनी फसल बेचने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सिंह की टिप्पणी पर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस सांसद अपनी पार्टी के बारे में बात कर सकते हैं, जहां कम से कम 17 नेता मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हुए नए कपड़े तैयार करवा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दिग्विजय सिंह खुद दावेदारों में से एक हैं और उनकी मुख्यमंत्री बनने की प्रबल इच्छा है, लेकिन लोग कांग्रेस को मौका देने के लिए तैयार नहीं हैं।