संसद के दोनों सदनों यानी कि लोकसभा और राज्यसभा में आज सामान्य कामकाज देखने को मिला। हालांकि, सबसे ज्यादा निगाहें लोकसभा पर थी। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच वक्फ (संशोधन) विधेयक पर जबरदस्त तरीके से चर्चा हुई। सत्ता पक्ष जहां वक्फ (संशोधन) विधेयक के फायदे गिना रहा था। तो वहीं विपक्ष सरकार पर एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया। सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, तेजस्वी सूर्या, रविशंकर प्रसाद, अनुराग ठाकुर जैसे वक्ताओं ने अपना संबोधन दिया। कांग्रेस ने गौरव गोगोई, केसी वेणुगोपाल को खड़ा किया था। अखिलेश यादव, अरविंद सावंत, श्रीकांत शिंदे जैसे नेताओं ने भी वक्तव्य दिया।जदयू की ओर से ललन सिंह ने जबरदस्त भाषण दिया।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह वक्फ पर प्रस्तावित कानून नहीं मानने की धमकी दे रहा, लेकिन यह संसद द्वारा पारित किया गया कानून होगा और इसे सभी को स्वीकार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए यह डर फैलाया जा रहा है कि वक्फ विधेयक मुसलमानों के धार्मिक मामलों और उनके द्वारा दान की गई संपत्तियों में दखल है। सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए शाह ने स्पष्ट किया कि इसके कानून का रूप लेने के बाद इसे पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा, जबकि (विपक्ष द्वारा) मुस्लिम भाइयों को इस बहाने डराया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘(विपक्षी दल के) एक सदस्य ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय इसे स्वीकार नहीं करेगा।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद ए. राजा ने सरकार पर देश में वक्फ की सभी संपत्तियों को हड़पने की साजिश करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि सरकार धर्म और राजनीति का घालमेल नहीं करे। राजा ने सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि सरकार देश में वक्फ की संपूर्ण संपत्ति को हड़पने की साजिश कर रही है, क्योंकि संशोधन विधेयक के जरिये सरकार का संबंधित निकायों पर नियंत्रण रहेगा।
वक्फ संशोधन विधेयक को कांग्रेस की ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति का अंतिम संस्कार करने वाला’’ बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि इस विधेयक से स्पष्ट है कि देश संविधान के अनुसार ही चलेगा। सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने कहा कि अब वक्फ को बदलने का वक्त आ गया है क्योंकि यह भ्रष्टाचार और अत्याचार का अड्डा बन गया है, भारत को वक्फ के खौफ से आजादी चाहिए। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती वक्ता और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी पार्टी के लोग हाथ में संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं, लेकिन विरोधाभासी बातें करते हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद अखिलेश यादव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए सरकार वक्फ (संशोधन) विधेयक लाई और यह सत्तारूढ़ भाजपा का ‘‘सियासी हठ’’ है तथा ‘‘उसकी सांप्रदायिक राजनीति का एक नया रूप’’ है। उन्होंने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि वक्फ से जुड़े जिन मुद्दों पर फैसला लिया जाना था उन्हें इस विधेयक में अहमियत नहीं दी गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद रविशंकर प्रसाद ने वक्फ को धार्मिक संस्था के बजाय ‘‘वैधानिक संस्था’’ करार देते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि मौजूदा कानून में संशोधन के जरिये यदि पिछड़े मुसलमानों को भी इसमें जगह देने की बात कही जा रही है तो इसमें विपक्षी दलों को क्या परेशानी है। उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि देश में वक्फ की आठ लाख संपत्ति है, लेकिन इनमें से कितने पर स्कूल, अस्पताल बने, कौशल विकास केंद्र खोले गए, अनाथालय बने और विधवाओं या बेटियों को सिलाई-कढ़ाई सिखाने की व्यवस्था की गई? भाजपा सांसद ने विपक्षी दलों पर हमला करते हुए सवाल किया, ‘‘वक्फ की फंडिंग बढ़ने पर उस जमात का कल्याण होगा तो उन्हें क्या परेशानी है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में बुधवार को आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय की जमीन पर सरकार की नजर है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा वक्फ कानून में संशोधन होने पर देश में मुकदमेबाजी बढ़ेगी। उन्होंने सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुएकहा कि वह यह नहीं कर रहे हैं कि संशोधन की जरूरत नहीं है, बल्कि संशोधन होना चाहिए और ‘‘हम इसके विरोध में नहीं हैं।’’ गोगोई ने कहा, ‘‘…यह कानून को और मजबूत बनाने के लिए होना चाहिए लेकिन इस विधेयक से देश में और समस्या बढ़ेगी, मसले बढ़ेंगे और मुकदमेबाजी भी बढ़ेगी।’’ लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भाषण में राजनीतिक आरोप लगाये और सदन को गुमराह किया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक देखी गई।
संसद ने बुधवार को भारत में विदेशी लोगों के आगमन, उनके यहां ठहरने और गैर कानूनी ढंग से रह रहे लोगों के निर्वासन से संबंधित एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी तथा सरकार ने इस बात की प्रतिबद्धता जतायी कि देश के विरूद्ध साजिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को यहां रहने नहीं दिया जाएगा। राज्यसभा ने आप्रवास एवं विदेशियों विषयक विधेयक 2025 को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के जवाब के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन ने विपक्षी सदस्यों द्वारा विधेयक पर लाये गये संशोधनों को खारिज कर दिया। लोकसभा में यह विधेयकपहले ही परित हो चुका है।
राज्यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सदस्य स्वाति मालीवाल ने ई-रिक्शा के नियमन की मांग करते हुए कहा कि कभी परिवहन का किफायती और पर्यावरण अनुकूल माध्यम रहा ई-रिक्शा आज कई समस्याओं का कारण बन रहा है। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए मालीवाल ने कहा कि देश में ऑटो रिक्शा, टैक्सी एवं कैब के लिए नियम हैं लेकिन ई-रिक्शा के लिए ऐसे नियम नहीं होने की वजह से आज परिवहन का यह माध्यम अराजक स्थिति उत्पन्न कर रहा है।
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की एक सदस्य ने सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर पश्चिम बंगाल पर निशाना साधने के बजाय उसे असम पर ध्यान देना चाहिए चाहिए जहां यह एक ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने सरकार द्वारा लाये गये आव्रजन संबंधी एक विधेयक को संसद की स्थायी समिति के पास भेजने का सुझाव दिया। उच्च सदन में आप्रवास एवं विदेशियों विषयक विधेयक, 2025 में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने दावा किया कि यह विधेयक गैर कानूनी आव्रजन, नागरिकता, निर्वासन, निरुद्ध शिविर, मतदाताओं एवं आधार कार्ड संबंधित चार कानूनों का निरसन करता है।
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राज्यसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की एक सदस्य ने दावा किया कि कांग्रेस के शासन में मजबूत आव्रजन कानून नहीं होने के कारण देश में घुसपैठ को बढ़ावा मिला जिसमें आतंकवादी एवं राष्ट्र विरोधी तत्व शामिल हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आव्रजन के मामले में कठोर कानून बनाना समय की मांग है। उच्च सदन में आप्रवास एवं विदेशियों विषयक विधेयक, 2025 पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा की रेखा शर्मा ने इसे एक महत्वपूर्ण और साहसी कदम एवं समय की मांग बताया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों से ‘‘हमारी सीमाओं, अर्थव्यव्यवस्था और समृद्ध संस्कृति की रक्षा करने में मदद मिलेगी।’’
केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी नीत राजग सरकार पर घुसपैठियों को पनाह देने और बैंकों के साथ धोखाधड़ी कर देश को लूटने के आरोपियों को देश से बाहर जाने में मदद करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने सवाल किया कि ऐसे लोग विदेश में शरण लिए हुए हैं और उनका (सिंह का) पासपोर्ट क्यों जब्त है। उच्च सदन में आप्रवास एवं विदेशी विषयक विधेयक, 2025 पर हुई चर्चा में भाग लेते हुएआम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इससे कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए स्वीकृत विशेष विद्यालयों में से लगभग एक तिहाई विद्यालय अधूरे भवन निर्माण के कारण बंद हैं। सरकार ने बताया कि भूमि की अनुपलब्धता, अतिक्रमण, कानूनी विवाद और वन भूमि के उपयोग की अनुमति नहीं मिलने के कारण भवनों का निर्माण नहीं हो सका है। सरकार ने दूरदराज के क्षेत्रों में आदिवासी बच्चों को कक्षा छह से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए 728 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय बनाने का लक्ष्य रखा है, ताकि उन्हें समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिल सके
तमिलनाडु विधानसभा ने बुधवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें केंद्र से अनुरोध किया गया कि वह राज्य के मछुआरों के मछली पकड़ने के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए स्थायी समाधान के रूप में कच्चातीवु द्वीप को वापस ले। यह द्वीप श्रीलंका को सौंप दिया गया था। प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों की यह आदत बन गई है कि वे यह गलत सूचना फैलाते हैं कि यह राज्य सरकार थी जिसने कच्चातीवु को श्रीलंका को सौंप दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि केंद्र सरकार भी वही गलती कर रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण एवं अस्वीकार्य है।’’