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परफॉर्मेंस ट्रैकर, 18869 डॉट्स नैनो सेंसर, सभी Ghibli बनाने में लगे थे, इधर मैनफोर्स ले आया दुनिया का पहला AI Power Condom!

चैटजीपीटी, ग्रोक, मेटा अलग अलग तरह के एआई ने इन दिनों दुनियाभर में तहलका मचा रखा है। स्मार्ट टीवी, स्मार्ट वॉ़ट, स्मार्ट फ्रिज के बारे में आपने सुना होगा और कईयों ने तो इसे इस्तेमाल भी किया होगा। लेकिन अगर मैं आपसे कहूं कि अब मार्केट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला कंडोम भी आने वाला है तो आप चौंकेगे। आपने मैनफोर्स का नाम तो सुना ही होगा। इंडियन ब्रॉन्ड मैनफोर्स काफी समय से अलग अलग प्रकार अलग अलग फ्लेवर्स के कंडोम बनाती आ रही है। लेकिन हाल ही में उनका एक नया ऐड आया है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि वो दुनिया का पहला एआई कंडोम लॉन्च करने वाले हैं। अब आप कह रहे होंगे कि इसमें खास क्या है?

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मैनफोर्स के ऐड के अनुसार ये कंडोम इंसान को प्री-सेक्स ही बता देगा कि आप सेक्स करने के कैपबल हो या नहीं? दुनिया के पहले एआई आई-पावर्ड कंडोम में रिव्यल्यूशनरी लोकलाइज इंटेलिजेंस 18869 डॉट्स नैनो सेंसर लगा है, जो बाइब्रेशन को कंट्रोल करते हैं। इसके साथ ही ये पर्फारमेंश को ट्रैक करते हैं। परस्थिति के अनुसार खुद को अडॉप्ट भी कर लेते हैं। इसके साथ ही इंटरकोर्स के बाद ये आपको एक पर्सेंटेज या मार्क्स देगा कि आपका पर्फार्मेंश कैसा था? 
इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको मैनफोर्स का एप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा। उसके बाद कंडोम के बॉक्स को स्कैन करना पड़ेगा। फिर ये कंडोम को डिटेक्ट करेगा। आपको बता दें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का मतलब है मानव निर्मित सोच शक्ति। आसान भाषा में कहें तो एक ऐसी तकनीक जो हमारी तरह की सोच सके, काम कर सके, व्यवहार कर सके, समस्या सुलझा सके, उसमें कुछ भी सीखने व निर्णय लेने की क्षमता हो, एक ऐसा इंटेलिजेंस सिस्टम जो इन सारी कामों को कुशलता पूर्वक कर सके। एक तरह का अपने आप में कंपलीट पैकेज जो मानव बुद्धिमत्ता के बराबर का हो।

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कहां-कहां हो रहा इस्तेमाल 
हाल ही के समय में इसका दायरा बढ़ा है और कहा ये जा रहा है कि भविष्य में ये हर वो काम कर सकेंगी जो एक इंसान करता है। टेक कंपनी के जितने भी स्पीकर आ रहे हैं उसमें वर्चुअल असिस्टेंस ऑपरेटिंग सिस्टम होती है। जैसे एप्पल का सीरी हो गया, अमेजॉन का एलेक्सा है, गूगल असिस्टेंस है। इसमें जो भी आपके सवाल या मांग है उसे सर्च करते कुछ सेकेंड के भीतर ही ये आपके सामने उपस्थित करता है। हमारे स्मॉर्टफोन को ही ले लीजिए। जो भी आप देखते हैं या सर्च करते हैं। उसके रिलेटेड ही आपको पोस्ट आती है या विज्ञापन दिखते हैं। इसके पीछे भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही अल्गोरिदम काम करता है। 
नोट: (जैसा कि मैनफोर्स की तरफ से अपने विज्ञापन में साफ बताया गया है कि इसे केवल हंसी-मजाक के लिए पेश किया गया है। ये अप्रैल फूल कैंपेन का एक हिस्सा मात्र है। इस तरह के किसी भी प्रोडक्ट को लेकर ब्रॉन्ड की तरफ से कोई आधिकारिक दावा नहीं किया जा रहा है। हमनें भी इस खबर को फन मात्र के लिहाज से लिखा है। प्रभासाक्षी इस विज्ञापन के प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता।) 

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