गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने अलकायदा से संबंध रखने के आरोप में तीन लोगों को राजकोट से गिरफ्तार किया है। प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि आरोपी एक बांग्लादेशी आका के लिए काम करते थे और अन्य लोगों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन में भर्ती करने का काम करते थे। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तीनों पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और राजकोट शहर में स्वर्ण बाजार में काम करते थे।
एटीएस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओम प्रकाश जाट ने संवाददाताओं को बताया कि एटीएस टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी और वे पिछले तीन-चार दिन से संदिग्धों पर नजर बनाए हुए थे, जिसके बाद उन्होंने सोमवार रात को पूछताछ के लिए संदिग्धों को पकड़ा।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से एक देशी अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, कारतूस, कट्टरपंथ से प्रेरित साहित्य, वीडियो और अन्य सामग्री बरामद की गई।
अधिकारी ने कहा कि तीनों आरोपी बांग्लादेश स्थित अपने आका से अत्यधिक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में रहते थे, जो उन्हें अपने मकसद में शामिल करने के लिए दूसरों को कट्टरपंथी बनाने सहित विभिन्न कार्यों को अंजाम देने का निर्देश देता था।
जाट ने कहा, ‘‘शुक्र अली, शैफ नवाज और अमन मलिक को कल हिरासत में लिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। नवाज पिछले दो वर्षों से राजकोट में रह रहा था, जबकि अन्य दो आरोपी पिछले सात से आठ महीने से यहां रह रहे हैं। अली और नवाज पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले से, जबकि मलिक हुगली से है।”
अधिकारी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मलिक एक विदेशी आका के संपर्क में था, जो बांग्लादेश में अलकायदा का प्रमुख है। मलिक पिछले एक साल से टेलीग्राम ऐप के जरिए अपने आका के संपर्क में था।
बांग्लादेशी आका ने मलिक को ‘जिहाद’ और ‘हिजरत’ के लिए प्रेरित किया और उससे दूसरों को अपनी विचारधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने को कहा।
अधिकारी ने कहा कि पिस्तौल मलिक के कब्जे से बरामद की गई और यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया कि वह इसका इस्तेमाल कैसे करना चाहता था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपियों के पास से एक देशी अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, दस राउंड कारतूस, कट्टरपंथी सामग्री के साथ पांच मोबाइल फोन, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और अन्य मुफ्त मैसेजिंग ऐप और स्वचालित और अर्ध-स्वचालित हथियारों का उपयोग करने की सामग्री बरामद की गई। सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।’’
तीनों के मोबाइल फोन पर वीडियो, तस्वीरें और कट्टरपंथी साहित्य पाए गए। उन्होंने बताया कि तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 121 ए और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।