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देश और दुनिया जब विज्ञान के इस युग में नित नये आविष्कार कर रही है तो वहीं एक धर्म विशेष के लोग अपने समाज को पिछड़ा बनाए रखने पर आमादा हैं। कर्नाटक के चामराजनगर में एक मुस्लिम बच्ची ने अपने साइंस प्रोजेक्ट के जरिये जो संदेश दिया है वो दर्शा रहा है कि बच्चों को कट्टरता और अंध विश्वास की ओर धकेला जा रहा है। यदि आज की पीढ़ी और आने वाली नस्लें कट्टरता के मार्ग पर चलने लगीं तो आने वाले कल में क्या होगा इसकी कल्पना सहज ही की जा सकती है। खासतौर पर कर्नाटक से जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं वह चिंतित करने वाली हैं। हम आपको बता दें कि कर्नाटक में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपने स्कूल की साइंस एक्जीबिशन में एक विवादित मॉडल पेश किया है। इस मॉडल में इस बच्ची ने दो कब्र दिखाई हैं। इसमें एक कब्र बुर्का पहनने वाली महिला की है जिसे जन्नती औरत कहा गया है। जबकि दूसरी कब्र बुर्का नहीं पहनने वाली महिला की है जिसके बारे में कहा गया है कि उसे सांप और बिच्छू खाएंगे। यह प्रोजेक्ट दर्शा रहा है कि बच्चों के मन में सांप और बिच्छू से भी ज्यादा जहर भरा जा रहा है। यही नहीं, बुर्का के बारे में इस बच्ची ने जो कहा है वह भी हैरानी भरा है और साबित कर रहा है कि कट्टरवादी लोग कैसे अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं।
हम आपको बता दें कि छात्रा ने इस्लामी धर्मग्रंथ का हवाला देते हुए कहा, “जो आदमी अपनी पत्नी को बुर्के के बिना घर में घूमने देता है, वह व्यभिचारी है।” हम आपको बता दें कि छात्रा की इस टिप्पणी की व्यापक निंदा हो रही है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि शैक्षणिक संस्थान में इस तरह के बयान कैसे दिये गये। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पुलिस महानिदेशक को इस छात्रा का वीडियो टैग करते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई और जांच की मांग की है। अधिकारियों ने घटना का संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया है कि जांच चल रही है। चामराजनगर के उप निदेशक लोक शिक्षण (DDPI), राजेंद्र राजे ने वायरल वीडियो की पुष्टि करते हुए कहा है कि अधिकारी इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं।