गोवा सरकार ने नियंत्रण कक्ष से देर रात वायरलेस संदेश जारी कर दक्षिण गोवा जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुनीता सावंत का तबादला कर दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि एसपी सावंत को नियमित प्रक्रिया के तहत सोमवार रात को स्थानांतरित कर दिया गया। इस मामले के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एसपी का अचानक और राजनीति से प्रेरित स्थानांतरण तब हुआ जब उन्होंने राज्य में बजरंग दल के नेताओं के बारे में जानकारी एकत्र करना शुरू किया। इसमें यह भी कहा गया कि इस कदम से यह उजागर हुआ कि कैसे प्रशासन को आरएसएस-भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था। गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के अध्यक्ष अमित पाटकर ने एक बयान में कहा, जैसे ही एसपी सुनीता सावंत ने गोवा में बजरंग दल के नेताओं की जानकारी एकत्र करनी शुरू की, सरकार घबरा गई और तुरंत उनका तबादला कर दिया। यह दर्शाता है कि भाजपा प्रशासन नहीं, बल्कि अपने वैचारिक सहयोगियों की रक्षा करने में लगी है।
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उन्होंने आगे कहा कि यह तबादला ईमानदार अधिकारियों को डराने की कोशिश है ताकि वे सांप्रदायिक ताकतों पर कोई कार्रवाई न करें। बजरंग दल के गोवा संयोजक विराज देसाई ने कहा कि उन्हें इस तबादले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, हम राष्ट्र निर्माण में सक्रिय संगठन हैं और युवाओं के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करते हैं। हमें नहीं पता कि एसपी का तबादला क्यों हुआ। गोवा के पुलिस महानिदेशक अलोक कुमार ने कहा कि एसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाता है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। कांग्रेस ने तबादले पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से स्पष्टीकरण मांगा। कांग्रेस ने तबादले को न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों का समर्थन करने की बात कही।