कुछ समय पहले महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर और NCP विधायक नरहरि जिरवाल समेत कई आदिवासी विधायकों ने मंत्रालय में सुरक्षा जाल पर छलांग लगा दी थी। जिरवाल सत्ताधारी गठबंधन के सबसे वरिष्ठ आदिवासी विधायकों में से एक हैं। वे राज्य की डिंडोरी विधानसभा क्षेत्र का पिछले 15 साल से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन PESA (पंचायत अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार के प्रावधान) के तहत अधिसूचित अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की नियुक्ति बंद करने और विधानसभा चुनाव से पहले धनगर को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के खिलाफ किया गया था।
क्या है जिरवाल की मांग?
दरअसल नरहरि जिरवाल समेत सभी आदिवासी विधायक पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) (PESA) अधिनियम 1996 के तहत सरकारी नौकरियों में आदिवासियों की भर्ती की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2023 से PESA में राज्य सरकार के स्तर पर 17 अलग-अलग श्रेणियों में आदिवासियों की भर्ती प्रक्रिया ठप पड़ी है। उन्होंने कहा कि इन महीनों में शिक्षकों, वन रक्षकों और राजस्व और स्वास्थ्य विभाग सहित कई अन्य पदों पर भर्तियां की गई हैं। गैर-आदिवासी उम्मीदवारों ने या तो नौकरी ज्वाइन कर ली है या नियुक्ति पत्र प्राप्त कर लिए हैं, लेकिन आदिवासी उम्मीदवार जिन्हें PESA में पद आरक्षित हैं, उनकी अभी तक भर्ती नहीं हुई है।
छलांग की वजह
मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने कहा बताया था कि PESA के तहत आदिवासी छात्रों को नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उनसे कहा गया कि उन्हें पूर्णकालिक नियुक्ति नहीं मिल सकती है। उन्होंने सीएम शिंदे से मिलने की भी कोशिश की लेकिन वे सीएम से नहीं मिल सके। इसलिए उन्हें आक्रामक रुख अपनाना पड़ा। वे पहले सीएम से मिले थे लेकिन वे उनकी प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं थे इसलिए वे जाल पर कूद गए। पुलिस उन्हें वहां से ले गई है। मंत्रालय में करीब 15-16 आदिवासी विधायक थे और उनमें से कुछ जाल पर कूद गए।
नरहरि जिरवाल का परिचय?
विधायक नरहरि जिरवाल का पूरा नाम नरहरि सीताराम जिरवाल है। वो महाराष्ट्र के चर्चित राजनेताओं में से एक हैं। जिरवाल महाराष्ट्र विधान सभा के डिप्टी स्पीकर हैं। इसके अलावा वह अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के सदस्य हैं। नरहरि जिरवाल डिंडोरी से महाराष्ट्र विधान सभा के तीन बार चुने गए हैं। इन्होंने मांगों को लेकर मंत्रालय की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। दरअसल उच्च मंजिलों से आत्महत्या के प्रयासों के बाद फरवरी 2018 में मंत्रालय ने अपने परिसर में सुरक्षा जाल लगाए थे। नरहरी झिरवाल महाराष्ट्र की सियासत का एक बड़ा नाम हैं। वो अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी के विधायक हैं। नरहरी झिरवाल का जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के एक सामान्य परिवार में हुआ। वो आदिवासी समुदाय से आते हैं। मौजूदा वक्त में वो महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर हैं।