एनसीपी सांसद मोहम्मद फैजल पीपी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को भी उम्मीद है कि उनकी लोकसभा सदस्यता भी बहाल हो जायेगी। बताया जा रहा है कि राहुल को मानहानि के मामले में सूरत की एक अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने और दो साल की सजा सुनाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका तैयार है तथा इसे बहुत जल्द दायर किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष विधि सलाहकार पुनर्विचार याचिका पर काम कर रहे हैं तथा इसे सूरत की सत्र अदालत में अगले एक दो दिन में पेश किया जाएगा। कांग्रेस ने कहा है कि वह इस लड़ाई को कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ेगी। उधर, निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा कि केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा को लेकर वह जल्दी में नहीं है क्योंकि राहुल गांधी को अदालत ने अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत ने 2019 के मानहानि के एक मामले में दो साल की सजा सुनाई है। इसके मद्देनजर उनको गत शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया गया। इसके बाद राहुल गांधी को 22 अप्रैल तक सरकारी आवास खाली करने के लिए नोटिस भी भेज दिया गया था।
दूसरी ओर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता मोहम्मद फैजल पीपी की लोकसभा सदस्यता से अयोग्यता बुधवार को समाप्त कर दी गयी और वह सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। फैजल की सदस्यता करीब 10 सप्ताह बाद बहाल की गयी है और इस मामले में उच्चतम न्यायालय में उनकी याचिका पर सुनवाई से पहले यह फैसला आया। लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने फैजल की सदस्यता बहाल करने के लिए अधिसूचना जारी की। इसमें एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराये जाने और 10 साल के कारावास की सजा सुनाये जाने के फैसले को केरल उच्च न्यायालय द्वारा निलंबित किये जाने का हवाला दिया गया। राकांपा ने फैजल की सदस्यता बहाल किये जाने का स्वागत किया लेकिन लोकसभा सचिवालय द्वारा इस निर्णय में देरी पर अप्रसन्नता जाहिर की।
इसे भी पढ़ें: ‘गांधी-नेहरू परिवार के गुलाम नेता राहुल गांधी जबरदस्ती राष्ट्रीय नेता बनाने पर तुले हैं’, शिवराज का बड़ा बयान
हम आपको बता दें कि फैजल को हत्या के प्रयास के एक मामले में 11 जनवरी को एक अदालत ने दोषी ठहराया था और 10 साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई थी। उसके बाद उन्हें सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। बाद में केरल उच्च न्यायालय ने उनकी सजा पर रोक लगा दी थी। निचली अदालत के फैसले के मद्देनजर 13 जनवरी को उन्हें निचले सदन की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया था।
फैजल ने बाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोकसभा सचिवालय से यह उम्मीद नहीं थी। उच्च न्यायालय ने मुझे दोषी ठहराये जाने के फैसले को निलंबित कर दिया था तो निर्वाचन आयोग ने भी उपचुनाव कराने की अधिसूचना पर रोक लगा दी, लेकिन अन्य संवैधानिक निकाय फाइल दबाकर बैठे रहे। लोकसभा सचिवालय ने यह सही नहीं किया।’’ बुधवार को लोकसभा की बैठक में उपस्थित हुए फैजल ने कहा कि उन्हें सदस्यता बहाल करने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने सदन में राकांपा की नेता सुप्रिया सुले के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात भी की।
लोकसभा सचिवालय की आज जारी अधिसूचना के अनुसार केरल उच्च न्यायालय के 25 जनवरी 2023 के आदेश के मद्देनजर मोहम्मद फैजल पीपी की सदस्यता से अयोग्यता का फैसला समाप्त कर दिया गया है। हम आपको बता दें कि फैजल ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया था और लोकसभा की सदस्यता से अयोग्यता को वापस लिये जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि केरल उच्च न्यायालय हत्या के प्रयास के मामले में उन्हें दोषी ठहराये जाने के फैसले पर रोक लगा चुका है। हम आपको यह भी बता दें कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मिलकर आग्रह किया था कि लक्षद्वीप से दूसरे कार्यकाल में निचले सदन में प्रतिनिधित्व कर रहे सांसद के निलंबन को वापस लिया जाए। बहरहाल, फैजल के लोकसभा में लौटते ही कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गांधी भी जल्द ही लोकसभा में लौट सकते हैं।