बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार का 2023-24 बजट आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही लोक कल्याणकारी है।
वहीं, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार को बाहर से समर्थन दे रही भाकपा माले ने कहा कि राज्य सरकार को महागठबंधन द्वारा 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादों को बजट में शामिल करना चाहिए था।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में नीतीश कुमार ने कहा कि यह बजट आर्थिक विकास को गति देने के साथ ही लोक कल्याणकारी है।
उन्होंने कहा कि यह बजट उच्चतर आर्थिक विकास और बेहतर वित्तीय प्रबंधन एवं समाज के हर तबके के सर्वांगीण विकास को गति देगा।
कुमार ने कहा कि यह एक विकासशील बजट है। उन्होंने कहा कि मानव विकास के सभी आयामों, स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ-साथ आधारभूत संरचनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से राज्य के सभी क्षेत्रों, समुदायों एवं सभी वर्गों का विकास संभव हो सकेगा।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व वित्त मंत्री सुशील मोदी ने महागठबंधन सरकार के बजट (2023-24) को यथास्थितिवादी और केंद्र पर आश्रित बजट बताया।
वहीं, भाकपा माले के बिहार राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि भाजपा को बजट की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है। कुणाल ने यह भी चेतावनी दी कि राज्य सरकार को खुशफहमी से बचना चाहिए।