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Rajouri Encounter के बीच बोले Omar Abdullah, जम्मू-कश्मीर में कहीं भी स्थिति सामान्य नहीं

उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के दावों की आलोचना की और कहा कि ये देश के लोगों को धोखा दे रहे हैं। उन्होंने शांति की कथित कमी के लिए पूरे क्षेत्र में लगातार हो रही मुठभेड़ों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि कहीं पर स्थिति सामान्य नहीं है। राजौरी में स्थिति सामान्य थी, राजौरी को काफी हद तक हमने आतंकवाद से आजाद कर दिया था। मुझे याद नहीं है कि मेरे हुकूमत के दौरान राजौरी में कोई एनकाउंटर हुआ होगा। उन्होंने कहा कि जब आप राजौरी, उत्तर कश्मीर की बात करते हैं तो जगह जगह हमें इस प्रकार के एनकाउंटर नजर आते हैं। 
 

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इसके साथ ही पूर्व सीएम ने कहा कि दिन दहाड़े श्रीनगर में फायरिंग, आज भी हमारा एक बहादुर अफसर हॉस्पिटल में लड़ रहा है। जो भी सामान्य स्थिति का दावा कर रहे हैं वे ना सिर्फ अपने आप को धोखे में रख रहे हैं बल्कि मुल्क के लोगों को धोखा दे रहे हैं। उमर अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजौरी मुठभेड़ में सेना के पांच जवान शहीद हुए हैं। आतंकियों से मुकाबला करते हुए अपनी जान न्योछावर करने वाले कर्नाटक के मंगलोर के निवासी कैप्टन एम वी प्रांजल (63 राष्ट्रीय राइफल्स), उत्तर प्रदेश के आगरा के निवासी कैप्टन शुभम गुप्ता (9 पैरा), जम्मू-कश्मीर के पुंछ के निवासी हवलदार अब्दुल माजिद, उत्तराखंड के नैनीताल रहने वाले लांस नायक संजय बिष्ट और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के पैराट्रूपर सचिन लौर हैं। 
 

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उपराज्यपाल सिन्हा ने पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मैं राजौरी में आतंकवाद-रोधी अभियान के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते शहीद हुए हमारी सेना के वीर कैप्टन एम.वी. प्रांजल, कैप्टन शुभम गुप्ता, हवलदार अब्दुल मजीद, लांस नायक संजय बिष्ट और पैराट्रूपर सचिन लौर को नमन करता हूं। उनकी वीरता और बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा। उनके परिवारों के प्रति संवेदनाएं। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा दावा कर रही है कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हैं। हालांकि, मुठभेड़ों में सैनिक शहीद हो रहे हैं जबकि कश्मीरी युवाओं को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि अगर स्थिति सामान्य हो गयी है तो हमारे जवान शहीद क्यों हो रहे हैं?

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