अन्नाद्रमुक महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने अपनी पार्टी को ‘‘अल्पसंख्यकों का सच्चा रक्षक’’ बताते हुए रविवार को विचारधारा और गठबंधन के बीच अंतर करने का प्रयास करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उनका संगठन कभी भी अपने सिद्धांतों से विचलित नहीं होगा।
पलानीस्वामी ने यहां पार्टी द्वारा आयोजित इफ्तार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक ने अल्पसंख्यकों का सच्चे प्यार से समर्थन किया है।
परोक्ष तौर पर भाजपा के साथ अपनी पार्टी के गठजोड़ की ओर इशारा करते हुएउन्होंने कहा, ‘‘हमारी विचारधारा अलग है, गठबंधन अलग है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विचारधारा किसी के आद्याक्षर की तरह होती है।
क्या कोई इसे बदल सकता है? नहीं। हमारी आद्याक्षर (नीतियां) पुरची थलाइवर और पुरची थलाइवी द्वारा तैयार की गई हैं। इस तरह, अन्नाद्रमुक हमेशा अल्पसंख्यकों की सच्ची रक्षक – एक सच्ची मित्र बनी रहेगी। यह नीति कभी नहीं बदलेगी।’’
अन्नाद्रमुक के दिग्गज नेताओं, संस्थापक एम जी रामचंद्रन और पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता को क्रमश: पुरची थलाइवर और पुरची थलाइवी के रूप में संबोधित किया जाता है, जिसका अर्थ होता है क्रांतिकारी नेता।
पलानीस्वामी ने कहा कि ‘‘गठबंधन कुछ और होता है।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्नाद्रमुक एक ऐसी पार्टी नहीं है जो सिर्फ अल्पसंख्यकों का वोट पाने और उन्हें बेवकूफ बनाने के लिए आकर्षक वादे करती है।
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने मुस्लिम समुदाय के लिए विभिन्न कल्याणकारी पहलों को सूचीबद्ध किया जो अतीत में पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान लागू की गई थीं।