Breaking News

सुप्रीम कोर्ट में चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ दायर की गई याचिका, जांच को प्रभावित करने का आरोप

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है जिसमें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उनकी सरकार पर उनके और अन्य लोगों के खिलाफ कई आपराधिक मामलों की जांच को पटरी से उतारने के व्यवस्थित प्रयासों का आरोप लगाया गया है। याचिका में हितों के गंभीर टकराव और समझौतापूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण का हवाला देते हुए सात मामलों को आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (सीआईडी) से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।

इसे भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 में पहले या दूसरे स्थान पर होगा : Chandrababu Naidu

आंध्र प्रदेश के एक वकील द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया है कि वर्तमान राज्य प्रशासन भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक हेराफेरी के आरोपों से जुड़े मामलों की जांच में बाधा डालने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहा है। इन मामलों में, जिनमें एपी फाइबरनेट लिमिटेड मामला, आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) मामला, इनर रिंग रोड मामला और दो असाइन्ड लैंड स्कैम मामले शामिल हैं, कहा जाता है कि इसमें मुख्यमंत्री और कई उच्च-रैंकिंग अधिकारी शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: 2 से ज्‍यादा बच्‍चे होने पर ही लड़ पाएंगे चुनाव, चंद्रबाबू नायडू लेने जा रहे एकदम अलग फैसला

याचिका के अनुसार, सीआईडी ​​इनमें से पांच मामलों में पहले ही आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जबकि दो अन्य में जांच लंबित है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि इन मामलों में आरोपी बनाए गए व्यक्ति ही अब जांच एजेंसियों पर अधिकार वाले पदों पर हैं, जिससे जनहित याचिका में इसे हितों का अभूतपूर्व टकराव बताया गया है।

Loading

Back
Messenger