प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने और थाईलैंड की आधिकारिक यात्रा के लिए 3-4 अप्रैल को बैंकॉक, थाईलैंड का दौरा करेंगे। यह प्रधानमंत्री की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी। भकंप के झटके झेलने वाले थाईलैंड को लेकर भारत ने मदद का हाथ भी बढ़ाया। इस बाबत विदेश मंत्रालय ने बीते दिनों कहा भी था कि मदद पहुंचाने को लेकर म्यांमार और थाईलैंड दोनों देशों के साथ बात हो रही है। हम उनकी सही जरूरत क्या है, इसे जानने की कोशिश कर रहे हैं। भारत हमेशा से ही इस क्षेत्र में किसी प्राकृतिक आपदा होने पर सबसे पहले मदद पहुंचाने वाला होता है।
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पड़ोसी देश थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप से इमारतें, एक पुल और एक बांध नष्ट हो गया। म्यांमा में कम से कम 144 लोगों की मौत हुई है। यहां के दो सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों से ली गई तस्वीरों और वीडियो में भारी नुकसान दिख रहा है। थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत के ढह जाने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर आए भूकंप की तीव्रता 7.7 दर्ज की गई और इसका केन्द्र म्यांमा के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के निकट था। इसके बाद 6.4 तीव्रता का एक और शक्तिशाली झटका महसूस किया गया।
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सोशल मीडिया पर प्रसारित एक तस्वीर में दिखाई दे रहा है कि बैंकाक के चतुचक बाजार के पास एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत, जिसके ऊपर एक क्रेन रखी हुई थी, धूल के गुबार में तब्दील हो गई। भूकंप के तुरंत बाद अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। चेतावनी सायरन की आवाज पूरे मध्य बैंकॉक में गूंज उठी और सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ गई, जिससे शहर की पहले से ही भीड़भाड़ वाली कुछ सड़कों पर जाम जैसी स्थिति हो गईं। ‘