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मिस्त्र के राष्ट्रपति के साथ Draupadi Murmu पहुंची कर्तव्यपथ, पहली दलित महिला राष्ट्रपति के तौर पर ली परेड की सलामी

भारत आज अपना 74वां गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम से मना रहा है। देश भर में गणतंत्र दिवस की धूम दिख रही है। इस खास मौके पर राजधानी दिल्ली के कर्तव्यपथ पर नए और आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर देखने को मिलेगी। इस दौरान सिर्फ देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया भारत की शान को देखकर हैरान और हर भारतीय गौर्वान्वित होगा। इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत कर रहे है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी का स्वागत भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि मिस्त्र के प्रेसीडेंट ब्देल फतह अल-सीसी को लेकर राष्ट्रपति भवन से कर्तव्यपथ के लिए रवाना हुई थी।
बता दें कि कर्तव्य पथ पर इस बार इतिहास रचा गया है, जहां देश में पहली बार आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली थी। गौरतलब है कि परंपरा के मुताबिक ही कर्तव्य पथ पर पहुंचने के बाद सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद 21 तोपों की सलामी के साथ ही राष्ट्रगान किया गया। इस गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार 21 तोपों की सलामी 105 mm आईएफजी स्वदेशी गन से दी जाएगी जो कि अब तक 25 पाउडर बंदूकों से दी जाती थी। ये रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। इसके बाद 105 हेलिकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-17 1वी/वी5 हेलिकॉप्टर कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों पर पुष्प वर्षा भी की। जानकारी के मुताबिक इस बार कर्तव्य पथ पर मिस्त्र की सेना ने भी संयुक्त बैंड और मार्चिंग दस्ते ने सलामी दी है। मिस्त्र की सेना के इस मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व कर्नल महमूद मोहम्मद अब्देल फतह अल खरासवी द्वारा किया गया है।
शुरू हुई परेड
इस बार कर्तव्यपथ पर हो रही परेड की कमान परेड कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, अति विशिष्ट सेवा मेडल, दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी के हाथों में है। मुख्यालय दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल भवनीश कुमार परेड सेकेंड-इन-कमांड है।
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