जालंधर जिले में एक कपड़ा व्यापारी की हत्या में शामिल पांच संदिग्ध हमलावरों में से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अपराध के मुख्य साजिशकर्ता की पहचान कैलिफोर्निया के युबा काउंटी निवासी अमनदीप सिंह के रूप में हुई है। यादव ने कहा कि गिरफ्तार किए गए तीन लोगों के पास से एक पिस्तौल बरामद की गई है।
जालंधर के नकोदर में सात दिसंबर को पांच लोगों ने भूपिंदर सिंह उर्फ टिम्मी चावला (39) की पुलिस सुरक्षा में गोली मारकर हत्या कर दी थी। जबरन वसूली के लिए कॉल आने की शिकायत के बाद भूपिंदर को पुलिस सुरक्षा दी गई थी।
भूपिंदर के सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात कांस्टेबल मनदीप सिंह भी गोलीबारी में मारे गए। इस घटना के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। यादव ने बुधवार को यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जालंधर ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझा लिया है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि एक नवंबर और आठ नवंबर को जबरन वसूली के लिए कॉल अमनदीप सिंह ने की थी, जो मूल रूप से जालंधर के गांव मलढ़ी का रहने वाला है।
हमला करने वाले शूटर की पहचान पुष्करन सिंह उर्फ फौजी, कमलदीप सिंह उर्फ दीप, मंदा सिंह, सतपाल और ठाकुर के रूप में हुई है। डीजीपी ने कहा कि पुष्करन, कमलदीप और मंदा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यादव ने कहा कि अपराध में शामिल ‘शूटर’ किसी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े नहीं थे।
एक महीने से कुछ ज्यादा समय में भूपिंदर समेत ऐसे तीन लोगों की हत्या कर दी गई जिन्हें पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। पिछले महीने अमृतसर में शिवसेना (टकसाली) नेता सुधीर सूरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके ठीक बाद, फरीदकोट में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी प्रदीप सिंह की हत्या कर दी गई थी।
तरनतारन के सरहाली थाने में रॉकेट संचालित ग्रेनेड हमले के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि इस अपराध के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली गई है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में और जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस हमले के मामले की जांच अंतिम चरण में है।
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सभी थानों का सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक प्रश्न के उत्तर में, डीजीपी ने कहा कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार भेजे जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस वर्ष सीमा पार से 225 ड्रोन आए। यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने खुफिया नेटवर्क और साइबर क्राइम सेल के उन्नयन के लिए 110 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।