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बारिश का कहर: पंजाब, हरियाणा के बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत कार्य तेज

पंजाब और हरियाणा के बाढ़ प्रभावित उन इलाकों में बृहस्पतिवार को तेजी से राहत कार्य जारी रहा जहां बारिश के कहर ने जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पिछले तीन दिन में मौसम में सुधार होने के कारण दोनों राज्यों के अधिकारियों ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। पंजाब में 14 और हरियाणा में सात जिले प्रभावित हुए हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा में बुधवार को बारिश से संबंधित घटनाओं के कारण छह और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर अब 21 हो गई है, जिसमें हरियाणा में 10 लोग शामिल हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कुछ प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लिया।
हथिनीकुंड बैराज से पानी के बहाव के कारण दिल्ली में यमुना का स्तर बढ़ने को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच, हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि बैराज से अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ने से ‘‘और बड़ा नुकसान’’ हो सकता है।
दिल्ली की सड़कों, घरों, श्मशान घाटों और आश्रय गृहों में पानी भर गया है जिससे राष्ट्रीय राजधानी में सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है।

यमुना का जल स्तर बृहस्पतिवार को 208.62 मीटर तक पहुंचने के बाद स्थिर हो गया।यमुना के जलस्तर ने 45 साल पहले के अधिकतम स्तर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के यमुनानगर जिले में हथिनीकुंड बैराज में बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे पानी का बहाव 1.62 लाख क्यूसेक था, जो मंगलवार सुबह बैराज से छोड़े गए लगभग 3.21 लाख क्यूसेक पानी से काफी कम है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली यातायात पुलिस ने यमुना के बढ़ते जल स्तर के कारण बृहस्पतिवार को यातायात प्रतिबंधों संबंधी एक परामर्श जारी किया जिसके चलते पानीपत और सोनीपत सहित हरियाणा रोडवेज डिपो की बस केवल हरियाणा-दिल्ली के सिंघु बॉर्डर तक ही चलीं।
कुछ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने वाले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पटियाला के पातड़ां में संवाददाताओं से कहा कि पंजाब और पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में हाल में हुई भारी बारिश से पंजाब पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
मान ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारियों को लोगों को हर संभव मदद देने का निर्देश दिया है।

मान ने योजना और तैयारी की कथित कमी के लिए राज्य में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर निशाना साधने वाले प्रतिद्वंद्वी दलों पर पलटवार करते हुए कहा कि इस समय उनकी प्राथमिकता जरूरतमंद लोगों की देखभाल करना है।
यह पूछे जाने पर कि क्या पंजाब ने केंद्र से कोई बाढ़ राहत पैकेज मांगा है, मान ने कहा कि नुकसान का अभी आकलन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने अभी तक नुकसान का आकलन नहीं किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्हें (केंद्र को) कोई पैकेज देना है तो वे दे सकते हैं, लेकिन हम भीख नहीं मांगेंगे।’’
पंजाब सरकार ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर बृहस्पतिवार को राज्य में स्कूलों की छुट्टियां 16 जुलाई तक बढ़ा दी हैं। पहले 13 जुलाई तक स्कूलों की छुट्टियां घोषित की गई थीं।
पंजाब के कई प्रभावित जिलों में जलभराव वाले इलाकों से 14,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

फिरोजपुर जिले के हजारा सिंह वाला गांव में सतलुज नदी पर बने पुल का एक हिस्सा बृहस्पतिवार को टूट गया, जिससे बीस से अधिक गांवों में संपर्क सेवा प्रभावित हो गई।उपमंडलीय मजिस्ट्रेट (जीरा) गगनदीप सिंह ने कहा कि प्रशासन अस्थायी मरम्मत करने और पुल के जरिए संपर्क सुविधा जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश कर रहा है।
उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में सेवाएं चे चुके लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त)एच एस पनाग ने फतेहगढ़ साहिब के पास अपने फार्महाउस की तस्वीरें ट्वीट कीं, जो हाल में आई बाढ़ के कारण डूब गया है।
सरकार ने दोनों राज्यों के कई जिलों में राहत आश्रय केंद्र स्थापित किए हैं।

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