राजस्थान में 199 सीटों पर हुई वोटिंग समाप्त हो गई है। राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। वोटिंग सुबह सात बजे शुरू हुई थी। मतदान के दिन कांग्रेस नेताओं ने सत्ता विरोधी लहर, गारंटी और योजनाओं पर भरोसा करते हुए अपनी सरकार बरकरार रखने का भरोसा जताया, जबकि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं का मानना है कि इस बार राजस्थान में ‘कमल’ खिलेगा। राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। राजस्थान में हर पांच साल में सत्ता बदल जाती है। हालांकि, कांग्रेस को उम्मीद है कि यह रिवाज इस बार बदलेगा और जनता उसके साथ खड़ी है। वहीं, भाजपा राज बदलने की उम्मीद में है। कुल 200 सीटों में से करणपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार के निधन के बाद स्थगित कर दिया गया था।
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केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि बीजेपी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार में आ रही है। जनता अबकी बार मतदान करते समय जो पिछले 5 साल दु:ख तकलीफ झेला है उसे ध्यान में रखकर मतदान करने वाली। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमें जनता का आशीर्वाद मिला है। फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी…कौन क्या कहता है, मुझे फर्क नहीं पड़ता। सचिन पायलट ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि राज्य में कांग्रेस को दोबारा मौका मिलेगा। राजस्थान की जनता पिछले 5 साल के कार्यकाल को देखेगी और उसके बाद आकलन करके मतदान करेगी। मुझे पूरा विश्वास राजस्थान और बाकी अन्य राज्य में कांग्रेस जीतेगी। हमें सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या मिलेगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कैलाश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सबसे पहले वोट डालने वालों में से थे। गहलोत और शेखावत ने जोधपुर में, चौधरी ने बालोतरा में, राजे ने झालावाड़ में और पायलट ने जयपुर में वोट डाला। राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी ने चित्तौड़गढ़ में अपने मताधिकार का प्रयोग किया और पार्टी सांसद दीया कुमारी और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने जयपुर में मतदान किया। कुमारी और राठौड़ उन सात भाजपा सांसदों में शामिल हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
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राज्य में कुल 36,101 स्थानों पर 50 हजार से अधिक मतदान केन्द्र बनाए गए थे जहां 5,26,90,146 मतदाता प्रत्याशियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद किया। मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई। कुल 1862 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए राजस्थान पुलिस के 70,000 जवानों सहित 1.70 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। कुल 2,74,846 चुनावकर्मी मतदान कराएं। गंगानगर जिले की करणपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के बाद वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया है। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस व मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है। कांग्रेस को उम्मीद है कि वह राज्य में प्रत्येक चुनाव में सरकार बदलने के रिवाज को बदलते हुए अपना राज (सरकार) कायम रखेगी। वहीं भाजपा उम्मीद कर रही है कि चुनावी लड़ाई में कमल खिलेगा। मतगणना तीन दिसंबर को होगी।
#WATCH | Rajasthan: Electronic Voting Machines (EVM) being sealed & secured at a polling booth in Savali village, Bikaner.
The counting of votes will take place on December 3. pic.twitter.com/2Neb7M83OW