विधायक शरद कुमार चौहान, जिन्हें शरद चौहान और शरद कुमार के नाम से भी जाना जाता है। वे दिल्ली की सत्ता पर काब़िज आम आदमी पार्टी (आप) के नेता हैं। वे नरेला निर्वाचन क्षेत्र से दिल्ली की सातवीं विधानसभा के सदस्य हैं और राजस्व के संसदीय सचिव के रूप में भी चुने गए थे। 2015 के चुनावों से ठीक पहले चौहान बीएसपी से आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। चौहान ने नरेला निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा । उन्हें 96,143 वोट मिले और उन्होंने 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भारतीय जनता पार्टी के नेता नील दमन खत्री को 40,292 के अंतर से हराया था।
व्यक्तिगत जीवन
आम आदमी पार्टी से विधायक शरद चौहान का जन्म 29 जून 1975 को दिल्ली के नरेला इलाके में ज़िले सिंह और विद्या देवी के घर हुआ था। उनके दो बड़े भाई हैं। उनके सबसे बड़े भाई अखिल चौहान रोहिणी में टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) में इंजीनियर और जिला प्रबंधक हैं। और उनके दूसरे भाई विकास चौहान एक डॉक्टर हैं और मुंबई में एक अस्पताल के मालिक हैं। उनकी शादी रीता चौहान से हुई और उनके दो बेटे अभिनव और अर्चित हैं। उनकी पत्नी दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की पार्षद और एक गृहिणी हैं।
विधानसभा चुनावों के लिए उनके हलफनामे के अनुसार, उनका स्व-घोषित पेशा किसान है। आप पार्टी की वेबसाइट उन्हें एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वर्णित करती है। चौहान मैट्रिकुलेट हैं और उन्होंने 1995 में गवर्नमेंट बॉयज़ सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बख्तावरपुर से परीक्षा पास की। उनके हलफनामे के अनुसार उनकी संपत्ति ₹2.60 करोड़ है। वह वर्तमान में दिल्ली के बकौली गाँव में रहते हैं। 2016 में उन्हें नरेला की सोनी नाम की एक लड़की की आत्महत्या के मामले में छह अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसके लिए उन्हें जमानत मिल गई थी।
जानिए राजनीतिक सफ़र
आम आदमी पार्टी में आने से पहले चौहान बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के साथ थे । वे 2007 में एमसीडी, वार्ड 4, बख्तावरपुर से 6,593 वोटों से पार्षद चुने गए थे। उनकी पत्नी पार्षद हैं जो वर्तमान में वार्ड का प्रतिनिधित्व करती हैं। महिलाओं के लिए आरक्षित होने के बाद 2012 में उन्होंने 15,975 वोटों से सीट जीती। वे 2008 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के जसवंत सिंह के खिलाफ बीएसपी टिकट पर 800 वोटों के मामूली अंतर से हार गए।
2015 के चुनावों से ठीक पहले चौहान बीएसपी से आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए। चौहान ने नरेला निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा । उन्हें 96,143 वोट मिले और उन्होंने 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मौजूदा विधायक नील दमन खत्री को 40,292 के अंतर से हराया।