ठाणे। ठाणे जिले की एक अदालत ने जघन्य अपराधों में संलिप्तता के आरोप में कठोर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत दर्ज मामले में तीन लोगों को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश अमित शेटे ने शुक्रवार को आरोपी प्रकाश दशरथ धन्वा (26), मिलिंद शंकर धन्वा (25) और दशरथ टंडेल (52) को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित नही कर पाया। तीनों के खिलाफ पालघर जिले के वाडा, मनोर, विरार, तुलिंज, अरनाला, डहानू और बोईसर पुलिस थाना की सीमा में हत्या के प्रयास सहित 23 जघन्य अपराधों में कथित तौर पर संलिप्तता के लिए मकोका लगाया गया था। बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील पुनीत महिमकर और राजेश मोरे ने दलील दी कि आरोपियों के खिलाफ आरोप झूठे थे।