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रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कर्मचारियों को ‘भारतीय रेल के पांच प्रण’ पर काम करने को कहा

रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष जया वर्मा सिन्हा ने सभी कर्मचारियों से पांच प्रमुख प्राथमिकताओं पर काम करने को कहा है। इनमें सुरक्षा सर्वोपरि, ईमानदारी, निवेश कार्यान्वयन, राजस्व सृजन, ग्राहक सुविधाओं और अनुभव को बेहतर बनाना शामिल हैं।
इन प्राथमिकताओं को ‘‘भारतीय रेल के पांच प्रण’’ कहा गया है। रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने प्रभार संभालने के बाद कर्मचारियों के लिए अपने पहले लिखित संदेश में कहा कि भारतीय रेल के पास डेढ़ सौ से अधिक वर्ष की अत्यंत समृद्ध एवं गौरवशाली विरासत है।
सिन्हा ने लिखा, ‘‘हाल के वर्षों में हमने रेल पथ, चल स्टॉक, स्टेशनों और टर्मिनलों में अभूतपूर्व निवेश किया है।’’

सुरक्षा सर्वोपरि पर उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह मानकर चलना होगा कि हर दुर्घटना को रोका जा सकता है और इसके लिए जरूरी है कि हम स्थापित संरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें, हम अपने कार्यक्षेत्र में मुस्तैदी से अपनी भूमिका निभाएं तथा दूसरों के लिए मिसाल पेश करें।’’
रेलवे बोर्ड की पहली महिला अध्यक्ष सिन्हा ने कहा, ‘‘लोकसेवक की भूमिका में ईमानदारी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हमें किसी भी कदाचार के खिलाफ कड़ाई से पेश आना होगा। साथ ही हमें अपने कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयास जारी रखने होंगे।’’
निवेश कार्यान्वयन पर उन्होंने लिखा, ‘‘भारत सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 2.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश से भारतीय रेल में अपना अपार विश्वास प्रदर्शित किया है।’’
सिन्हा ने कहा, ‘‘हमें परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक पूरा करने पर सर्वाधिक ध्यान देना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकार के उक्त विशाल निवेश का लाभ अंतत: हमारे ग्राहकों को मिले।’’

सिन्हा का मानना है कि भारतीय रेल को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने की अपनी क्षमता पर गर्व है। उन्होंने लिखा, ‘‘पिछले वित्त वर्ष में लदान और राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। अब यह वर्ष लगभग आधा बीत चुका है, अत: मैं आपसे आह्वान करती हूं कि चालू वित्त वर्ष के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए दोगुना प्रयास करें।
ग्राहक सुविधाओं और अनुभव को बेहतर बनाने के बारे में उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि हमारी सेवाएं उच्चस्तरीय और नए भारत की आकांक्षाओं का प्रतीक होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे समय पालन, स्वच्छता, खान-पान हो या ग्राहकों की शिकायतों का निवारण। हर क्षेत्र में हमें सेवा का उच्चतम मानक बनाए रखना होगा। ग्राहक सर्वोपरि हैं, हमें अपने प्रयासों में उन्हें सर्वोच्च स्थान देना होगा।

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