उत्तराखंड पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने दो भालुओं के पित्ताशय (आहारनाल से जुड़ा एक अंग) एवं तीन कारतूसों के साथ दो संदिग्ध वन्य तस्करों को गिरफ्तार किया है।
उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बुधवार को यहां बताया कि वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) दिल्ली से वन्यजीवों के अंगों की अवैध तस्करी की सूचना मिली थी जिसके आधार पर देहरादून जिले के कालसी क्षेत्र के जोहड़ी में कालसी-चकराता मार्ग से मंगलवार को इन संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि संदिग्ध तस्करों के कब्जे से दो भालुओं के 19 ग्राम और आठ ग्राम के पित्ताशय तथा 12 बोर के तीन कारतूस बरामद किए गए।
उनके अनुसार संदिग्ध वन्यजीव तस्करों की पहचान चकराता के बनियाना गांव के रहने वाले कलम सिंह चौहान (32) और संतु (44) के रूप में हुई है।
भुल्लर ने बताया कि भालू को वन्यजीव जन्तु संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है और इसका शिकार करना एक गंभीर अपराध है।
उन्होंने बताया कि पकड़े गये तस्करों के विरुद्ध कालसी थाने में वन्यजीव अधिनियम एवं हथियार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। भुल्लर ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यदि इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आयी तो उसके विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।