यूपी विधानसभा बजट सत्र: उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को बजट सत्र की शुरुआत से पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने महाकुंभ भगदड़, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे विधायकों को शांत करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। बाद में सदन को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि उनकी सरकार विपक्ष द्वारा पूछे जा रहे हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। योगी ने कहा कि सपा को राज्य सरकार द्वारा किए गए हर काम का विरोध करने की आदत है।
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मुख्यमंत्री ने कहा, “कल से राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चर्चा होगी। 20 फरवरी को सदन में उत्तर प्रदेश का वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश किया जाएगा। सत्र 18 फरवरी से 5 मार्च तक प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश के इतिहास में ऐसे बहुत कम अवसर आए हैं, जब इतने लंबे समय तक सत्र आहूत किया गया हो। लेकिन सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से पूरी होनी चाहिए। यह केवल सत्ता पक्ष की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विपक्ष की भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सदन चर्चा का मंच बनना चाहिए।”
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योगी ने कहा कि पिछले करीब 8 वर्षों में डबल इंजन वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए जो मानक स्थापित किए हैं, वे अभूतपूर्व हैं। इसकी झलक राज्यपाल के अभिभाषण के साथ-साथ सदन के अंदर होने वाली चर्चाओं से भी मिलती है। उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से हताश और निराश विपक्ष इन मुद्दों पर चर्चा करने से भागने की कोशिश करता है और सदन की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करता है।
योगी ने बजट सत्र को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग का आग्रह किया इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के नेताओं से आगामी बजट सत्र के दौरान सदन में जनहित के मुद्दे उठाने और विधानसभा की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में मदद करने को कहा। बजट सत्र शुरू होने से पहले स्पीकर सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। सदन के नेता योगी ने बैठक में नेताओं से आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि सदन के कामकाज में कोई बाधा न आए और वे जनहित से जुड़े हर मुद्दे को उठाएं।
उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दे उठाने और सदन को सुचारू रूप से चलाने से विकास को गति मिलेगी। स्पीकर सतीश महाना ने सभी सदस्यों से सत्र के सुचारू संचालन के लिए सहयोग करने की भी अपील की। एक बयान में कहा गया है कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा, जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के विनोद सरोज भी अन्य लोगों के साथ मौजूद थे।
सीएम ने सोमवार को विधान भवन के मुख्य द्वार का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधानसभा परिसर की दीवारों पर भित्ति चित्रों का अनावरण भी किया गया। भित्ति चित्रों में राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व की घटनाओं को उकेरा गया है। इनमें गीता के विभिन्न प्रसंगों को भी दर्शाया गया है। यूपी सरकार ने एक बयान में कहा कि विधान भवन के लकड़ी के गेट को अत्याधुनिक और नक्काशीदार स्टील के मजबूत गेट से बदल दिया गया है। बयान में कहा गया है कि विधानसभा का सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। इसे तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।