चीन के विदेश मंत्री छिन कांग ने सोमवार को अमेरिकी राजदूत निकोलस बर्न्स से यहां मुलाकात की, जिस दौरान उन्होंने (कांग ने) बीजिंग के प्रति अमेरिका की नीतियों की कड़ी आलोचना की। हालांकि, चीन के मंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिरता देने की अपील करते हुए कहा कि यह एक ‘‘शीर्ष प्राथमिकता’’ है।
कांग पहले अमेरिका में चीन के राजदूत थे और उसके बाद उन्हें विदेश मंत्री नियुक्त किया गया। विदेश मंत्री बनने के बाद कांग की बर्न्स के साथ यह पहली बैठक थी।
इस बैठक से इन अटकलों ने जोर पकड़ा है कि दोनों देश इस साल फरवरी से अटकी अपनी वार्ता फिर शुरू करने के नजदीक हैं।
एक चीनी जासूसी गुब्बारे को अमेरिका द्वारा मार गिराये जाने के बाद यह वार्ता रूक गई थी।
गुब्बारे से जुड़ी घटना के बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपनी बीजिंग यात्रा स्थगित कर दी थी।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने सोमवार को प्रेस वार्ता में कहा कि यह बैठक एक सामान्य कूटनीतिक व्यवस्था थी। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार कांग ने बर्न्स से कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच नवंबर में हुई बैठक के बाद अमेरिका के श्रृंखलाबद्ध गलत शब्दों और कदमों ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने कांग के हवाले से कहा, अमेरिकी पक्ष को गहराई से विचार करना चाहिए… चीन-अमेरिका संबंधों को मुश्किल दौर से बाहर निकाल कर वापस पटरी पर लाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका को चीन के बारे में अपनी समझ को दुरुस्त करना चाहिए और वास्तविकता की ओर लौटना चाहिए।
कांग ने एक बार फिर अपने पहले के आरोपों को दोहराया कि अमेरिका चीन को दबाने और नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है।
कांग की टिप्पणी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर गंभीर बातचीत के स्थगित होने के बाद आई है। इन मुद्दों में शुल्कों को लेकर मतभेद, अमेरिका द्वारा चीन को अत्याधुनिक तकनीक से वंचित करने का प्रयास और ताइवान एवं दक्षिण और पूर्वी चीन सागर के बड़े हिस्से पर चीन के दावे आदि शामिल हैं।