प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को तेजी से बढ़ते भारतीय डायस्पोरा द्वारा पोषित किया जा रहा है जो दोनों देशों के बीच एक जीवित पुल के रूप में कार्य कर रहा है। अखबार ‘द ऑस्ट्रेलियन’ को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि लोगों से लोगों का संपर्क दोनों देशों के बीच साझेदारी का मजबूत स्तंभ है। प्रधानमंत्री ने कहा, वह ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के संबंधों को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं।
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उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच घनिष्ठ रक्षा और सुरक्षा संबंध खुले और मुक्त हिंद-प्रशांत को सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि वो आसानी से संतुष्ट होने वाले व्यक्ति नहीं हैं और उन्होंने देखा है कि प्रधानमंत्री अल्बनीज एक ही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब वह और श्री अल्बानीस सिडनी में फिर से एक साथ होंगे, तो उन्हें यह पता लगाने का अवसर मिलेगा कि वे संबंधों को अगले स्तर तक कैसे ले जा सकते हैं। श्री मोदी ने कहा कि वे पूरकता के नए क्षेत्रों की पहचान करेंगे और सहयोग का विस्तार कर सकते हैं।
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पीएम मोदी ने इस बात से इनकार किया कि भारत द्वारा रूस की आलोचना करने से इनकार करने से द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान होगा क्योंकि यूक्रेन के साथ युद्ध को लेकर ऑस्ट्रेलिया देश की उच्च आलोचनात्मक रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इससे हमारे बाइलेटरल रिलेशन को कोई नुकासन नहीं पहुंचेगा। इसके पीछे की वजह है कि ऑस्ट्रेलिया अपने लेवल पर रूस की आलोचना करता रहता है। भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक अच्छे दोस्त होने का फायदा ये है कि हम एक-दूसरे से खुलकर चर्चा कर सकते हैं।