पश्चिमी कंबोडिया के एक कसीनो होटल में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 25 हो गई। पीड़ितों की तलाश में खोज अभियान अब भी जारी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
थाईलैंड की सीमा से लगते पोईपेट में ‘ग्रैंड डायमंड सिटी कसीनो एंड होटल’ में बुधवार आधी रात के करीब आग लग गई थी जिस पर 12 घंटे से अधिक समय बाद बृहस्पतिवार दोपहर को काबू पाया जा सका।
बंटेय मीनचे प्रांत के सूचना विभाग के प्रमुख सेक सोखोम के अनुसार, शुक्रवार सुबह निकाले गए छह शवों के साथ ही अब तक घटनास्थल से 25 शव निकाले जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ शव कमरे में तो कुछ सीढ़ियों पर पड़े थे। उन्होंने कहा कि 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं और मरने वालों की संख्या में इजाफा होने की आशंका है क्योंकि बचावकर्मी मलबे के नीचे से, बंद कमरों के अंदर से पीड़ितों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
कंबोडिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति के प्रवक्ता सोथ किमकोलमोनी ने बताया कि ग्रैंड डायमंड सिटी कसीनो परिसर में 500 कर्मचारी हैं और बुधवार को वहां 1,000 लोग आए थे।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि आग लगने के दौरान वहां कितने लोग मौजूद थे और कितने वहां से सुरक्षित निकल पाने में सफल रहे।
जोर शोर से चलाए जा रहे अभियान के बीच हताहतों की सटीक संख्या का पता लगाना अभी मुश्किल है क्योंकि अफरा तफरी के माहौल में कई जीवित बचे घायल उपचार के लिए सीमा पार कर पड़ोसी देश थाईलैंड चले गए जहां चिकित्सा सुविधाएं बेहतर हैं।
थाईलैंड और कंबोडिया की बचाव टीम संयुक्त रूप से 17 मंजिला इमारत के परिसर में पीड़ितों की तलाश कर रही है लेकिन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त इमारत में उन्हें रात को अपना अभियान रोकना पड़ा।
इमारत के भीतर मौजूद अधिकतर कर्मचारी और पर्यटक पड़ोसी देश थाईलैंड से हैं। थाईलैंड ने मदद के तौर पर वहां अपने दमकल वाहन और आपात कर्मियों को भेजा है।
थाईलैंड के सा थाईलैंड का सा केओ प्रांतीय आपदा निवारण और शमन कार्यालय ने 11 शवों और 109 घायलों को निकाला, जिनमें सभी थाईलैंड से हैं। घायलों में से 57 का अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच में यह पता चला कि आग संभवत: नए साल के जश्न को लेकर सजावट के लिए बिजली के उपकरणों और तार के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण लगी।
बिजली के तार के अत्यधिक गर्म होने से उनमें आग लग गई।
कंबोडिया की अंग्रेजी भाषी समाचार वेबसाइट ‘खमेर टाइम्स’ ने पोईपेट शहर के गवर्नर कीट हुल के हवाले से आग लगने के दौरान मची अफरा तफरी को बयां किया। हुल ने कहा, ‘‘होटल और कसीनो के कर्मियों ने आग को बुझाने के लिए अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल किया, लेकिन यह काम नहीं कर सका। लोग दहशत में आ गए थे और चारों ओर भाग रहे थे, वे नजदीकी द्वार की ओर भाग रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया कि मुख्य द्वार के पास भगदड़ मच गई थी।’’
रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया कि आशंका है कि कई लोगों की जान दम घुटने के कारण गई और कई लोगों की जान आग से बचने के लिए ऊंचाई से कूदने के कारण गई।
पश्चिमी कंबोडिया का पोईपेट शहर थाईलैंड के समृद्ध शहर अरण्यप्रथेट के पास स्थित है और यहां से व्यस्त सीमा पर बड़े पैमाने पर कारोबार और पर्यटन होता है। थाईलैंड में कसीनो अवैध है लेकिन म्यांमा, कंबोडिया और लाओस जैसे पड़ोसी देशों में इस उद्योग का चलन है। कंबोडिया में कसीनो उद्योग का अत्यधिक चलन है और यह दक्षिण पूर्वी एशियाई देश अपने सुविधाजनक अंतरराष्ट्रीय संबंधों के कारण एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने शुक्रवार को दक्षिणी प्रांत कामपोट में एक सड़क मरम्मत कार्यक्रम के दौरान घटना पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि यह घटना दिखाती है कि सभी ऊंची इमारतों में निश्चित रूप से आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण होने चाहिए। उन्होंने थाईलैंड समेत बचाव अभियान में शामिल लोगों का शुक्रिया अदा किया।