अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप ने एक के बाद एक कई कड़े और बड़े फैसले लेकर दुनियाभर के देशों की टेंशन बढ़ा दी है। इसी बीच कोलंबिया और यूएस के बीच तनाव भी बढ़ गया। दरअसल, अमेरिका ने प्रवासियों से भरे दो मिलिट्री प्लेन कोलंबिया को भेजे थे, जिन्हें उतरने की इजाजत कोलंबिया ने दी ही नहीं। जिसके बाद ट्रंप ने कोलंबिया पर भारी टैरिफ के साथ प्रतिबंध लगा दिया। प्रतिबंध लगते ही कोलंबिया ने यू टर्न ले लिया। प्रवासियों की वापसी पर ट्रंप की शर्तों पर अब सहमत भी हो गया। जिसके बाद ट्रंप ने कोलंबिया पर लगाए गए प्रतिबंधों को निलंबित करने की घोषणा कर दी है। व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बड़े प्रतिबंधों की धमकी के बाद कोलंबिया पीछे हट गया और सैन्य उड़ानों में स्वदेश लौटे नागरिकों को स्वीकार करने पर भी सहमत हो गया है।
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कोलंबिया की सरकार ने निर्वासित शरणार्थियों से भरे अमेरिकी विमानों को कोलंबिया में उतरने की इजाजत नहीं दी थी। उनका कहना था कि जिन विमानों से प्रवासियों को लाया गया था वे सैन्य विमान थे। कोलंबिया के राष्ट्रपति पैट्रो ने कहा था कि वे अपने नागरिकों को सिविल विमान से लाने पर स्वीकार करेंगे। उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। प्रवासियों को सम्मान और गरिमा के साथ वापस भेजा जाना चाहिए। कोलंबिया सरकार के इस बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया साइट ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि हम कोलंबिया को उसकी कानूनी जिम्मेदारी को अनदेखा करने की इजाजत नहीं देंगे। कोलंबिया को जबरन अमेरिका भेजे गए अपराधियों को वापस लेना पड़ेगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका कोलंबिया के अधिकारियों की यात्रा पर प्रतिबंध लगाएगा और तत्काल उनका वीजा रद्द किया जाएगा। ये प्रतिबंध कोलंबिया के साथ साथ उसके सहयोगियों और समर्थकों पर भी लागू होंगे।
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कोलंबिया की सरकार अमेरिका के साथ संपर्क में रहने का आश्वासन देते हुए कहा कि वे निर्वासित नागरिोंक का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए जरूरी डील करने की कोशिश कर रहे हैं। कोलंबिया की सरकार ने प्रवासी मुद्दे को लेकर विशेष टीम बनाई है। अमेरिका से निर्वासित कोलंबियाई नागरिकों की सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करेगी। कोलंबिया ने एक यूनिफाइड कमांड पोस्ट का भी गठन किया है, जिसमें रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रपति पद के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस निकाय का उद्देश्य ऐसे प्रोटोकॉल स्थापित करना है, जो निर्वासित कोलंबियाई लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करे।