Breaking News

ईरान की खुली धमकी: US और Israel के Energy Assets को बनाएंगे निशाना, Trump की कार्रवाई का देंगे करारा जवाब

ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है, तो वह पूरे इलाके में इज़राइल के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और अमेरिका के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह चेतावनी उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि वॉशिंगटन और तेल अवीव मिलकर ईरान के खिलाफ नए मिलिट्री ऑपरेशन की योजना बना रहे हैं। ईरान के एक सीनियर सिक्योरिटी अधिकारी ने शुक्रवार को तस्नीम न्यूज़ एजेंसी को बताया कि ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर संभावित हमलों के बारे में पश्चिमी मीडिया की खबरें “एक तरह का पागलपन” हैं। तस्नीम के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की व्यापक योजनाएं तैयार की हैं, जिनमें इज़राइल के अहम ठिकानों और पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका के एनर्जी एसेट्स पर हमले शामिल हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उकसावे की स्थिति में ईरान इन कदमों को उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इसे भी पढ़ें: 12-13 सितंबर को दिल्ली में ऐसा दिखेगा नजारा, व्हाइट हाउस से लेकर NATO मुख्यालय तक मच जाएगी खलबली!

ईरान के अधिकारी ने कहा कि देश की सेना ने 40 दिन की लड़ाई और उसके बाद हुई झड़पों के दौरान ऐसे ऑपरेशन करने की अपनी क्षमता और पक्के इरादे को साबित किया है। यह चेतावनी तब आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी ठिकानों पर फिर से हमले की तैयारी के आदेश देने की खबरों के बाद सैन्य तनाव बढ़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर दी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने नए हमलों का निर्देश दिया है जो इसी सप्ताहांत शुरू हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने तेहरान को चेतावनी दी कि अगर वह बातचीत की मेज पर वापस नहीं आता है, तो उसे कड़े सैन्य कदमों का सामना करना पड़ेगा। शुक्रवार को कैंप डेविड में कैबिनेट की बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने जल्द होने वाले ऑपरेशन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन पर बहुत जोरदार हमला करेगा और भरोसा जताया कि ईरान आखिरकार उस स्थिति में पहुंच जाएगा जहां वह इसे और बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। बढ़ती बयानबाजी वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है। इससे यह चिंता पैदा हो रही है कि आगे कोई सैन्य कार्रवाई पूरे इलाके में बड़े संघर्ष को जन्म दे सकती है, जिससे क्षेत्र के अहम ऊर्जा संसाधनों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर असर पड़ सकता है।

Loading

Back
Messenger