लंबे समय से हिरासत में रखे गए ईरान के विपक्षी नेता मीर हुसैन मोसावी ने इस्लामिक गणराज्य का नया संविधान लिखने के लिए राष्ट्रव्यापी जनमत संग्रह कराने की मांग की है। उन्होंने यह मांग ऐसे समय की है जो पूरा देश विरोध प्रदर्शनों से हिला हुआ है।
मोसावी ने शनिवार को विपक्षी कलीमी वेबसाइट पर पोस्ट संदेश में कहा कि वह मौजूदा व्यवस्था में विश्वास नहीं करते और अब अंतिम निर्णय का अधिकार सर्वोच्च नेता को देने की व्यवस्था नहीं चलेगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल सितंबर में देश की नैतिक पुलिस द्वारा हिरासत में ली गई कुर्दिश-ईरानी महिला मशा अमीनी की मौत के बाद से प्रदर्शन हो रहे हैं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के नेतृत्व में कार्रवाई की जा रही है।
मोसावी ने नया संविधान लिखने के लिए ‘‘वास्तविक प्रतिनिधित्व’’ के साथ संविधान सभा गठित करने की मांग की।
हालांकि, यह तय है कि 80 वर्षीय नेता की मांग पर ईरान की धर्म आधारित सरकार शायद ही गौर करेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2009 में विवादित राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद गत कई वर्षों से मोसावी और उनकी पत्नी को नजरबंद रखा गया है। वर्ष 2009 के चुनाव के बाद बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू हुआ था जिसे सुरक्षाबलों ने दबा दिया था।
हालांकि, मोसावी ने स्वयं दशकों तक ईरान के धर्म अधारित शासन का समर्थन किया और उसे अपनी सेवाएं दीं।