Breaking News
-
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और आप के राष्ट्रीय संयोजक और नई दिल्ली विधानसभा…
-
तेज रफ्तार के सामने संजू सैमसन की कमजोरी और रिंकू सिंह का खराब फॉर्म और…
-
पटना । उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिलने के बाद कहा…
-
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस पर आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी…
-
राष्ट्रीय राजधानी के वजीराबाद इलाके में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब…
-
मलाइका अरोड़ा गोवा में कुछ समय बिताने के बाद मुंबई वापस आ गई हैं। आज…
-
सहारनपुर जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने एक महिला समेत तीन कथित मादक पदार्थ तस्करों…
-
प्रयागराज महाकुंभ की वायरल सनसनी मोनालिसा, जो अपनी मनमोहक आँखों और सांवले रंग के लिए…
-
बिग बॉस 18 के दूसरे रनर-अप रजत दलाल ने हाल ही में एल्विश यादव के…
-
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर निकाय के साइट आवंटन में लगभग 56 करोड़ रुपये की…
वाशिंगटन । अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध आज जिस मुकाम पर है, वह बाइडन प्रशासन की एक अहम उपलब्धि है। उन्होंने साथ ही स्वीकार किया कि भारत के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव भी आए, जैसे कि भारत सरकार के एक अधिकारी द्वारा एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की कथित साजिश के मुद्दे पर। सुलिवन ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में एक गोलमेज बैठक के दौरान संवाददाताओं से कह कि मुझे लगता है कि अमेरिका-भारत संबंध आज जिस मुकाम पर है वह इस (बाइडन) प्रशासन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
(हिंद-प्रशांत) क्षेत्र में हमारे सहयोगियों और साझेदारों के बीच संबंधों की समग्र स्थिति और एकीकरण… हम अगले प्रशासन को दे रहे हैं।’’ सुलिवन इस सप्ताह की शुरुआत में नयी दिल्ली से लौटे हैं। उन्होंने अपने भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। उन्होंने बांग्लादेश में शासन परिवर्तन में अमेरिका की किसी भी भूमिका से इनकार किया। सुलिवन ने उम्मीद जताई कि खालिस्तानी चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित हत्या की कोशिश का मामला अमेरिका की नयी सरकार के दौरान भी जारी रहेगा।
अमेरिकी एनएसए ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हमें इस तथ्य के बाद आगे बढ़ना था कि एक अमेरिकी नागरिक की हत्या का प्रयास किया गया। हमने उस पर काम किया है…।’’ भारत-अमेरिका संबंधों में पिछले चार सालों में आए उतार-चढ़ाव के बारे में सुलिवन ने कहा,‘‘ किसी भी रिश्ते में, किसी भी दोस्ती में, व्यापार और अर्थशास्त्र के मुद्दों पर, या जी20 घोषणापत्र के शब्दों को लेकर असहमति होगी, और हमें समझौता करने और समाधान के साथ आने के लिए काम करना होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ईमानदारी से, मैं कहूंगा कि संबंध वास्तव में चार वर्षों में मजबूत होते चले गए।