वियतनाम की अपनी पहली यात्रा पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को जोर देकर कहा कि वह चीन के साथ “शीत युद्ध” शुरू करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य वियतनाम और अन्य एशियाई देशों के साथ अमेरिकी संबंध बनाकर दुनिया भर में स्थिरता प्रदान करना है।
बाइडन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमारे पास स्थिरता बनाए रखने के लिए दुनिया भर में गठबंधनों को मजबूत करने का अवसर है। यह यात्रा इसी बारे में है।” उन्होंने कहा, “यह चीन को नियंत्रित करने के बारे में नहीं है। यह एक स्थिर आधार रखने के बारे में है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति हनोई आए हैं क्योंकि वियतनाम एक व्यापक रणनीतिक साझेदार के रूप में अमेरिका को सर्वोच्च राजनयिक दर्जा दे रहा है।
यह इस बात का सबूत है कि बाइडन ने वियतनाम युद्ध के “कड़वे अतीत” के रूप में जो उल्लेख किया था, रिश्ता उससे कितना आगे बढ़ चुका है।
विस्तारित साझेदारी चीन के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एशिया भर में एक व्यापक प्रयास को दर्शाती है क्योंकि बाइडन ने कहा है कि वियतनाम अपनी स्वतंत्रता दिखाना चाहता है और अमेरिकी कंपनियां चीनी कारखानों का विकल्प चाहती हैं। लेकिन बाइडन इन समझौतों को आगे बढ़ा रहे हैं और साथ ही चीन के साथ किसी भी तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
बाइडन ने रविवार को वियतनाम के नेताओं से मुलाकात की और दोनों देशों की नई साझेदारी का स्वागत करते हुए कहा कि अपनी 24 घंटे की यात्रा के दौरान उन्हें उम्मीद है कि जलवायु, अर्थव्यवस्था और अन्य मुद्दों पर कुछ प्रगति होगी।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम के मुख्यालय में पार्टी महासचिव गुयेन फु ट्रोंग से मुलाकात के बाद रिश्ते के नए दर्जे की घोषणा के बाद उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने राष्ट्रों के बीच संघर्ष से लेकर सामान्यीकरण और इस नई उन्नत स्थिति तक प्रगति के 50-वर्षीय चक्र का पता लगा सकते हैं।’’
रविवार दोपहर में हनोई पहुंचे बाइडन ने पिछले महीने साल्ट लेक सिटी में एक ‘फंड रेजर’ कार्यक्रम में कहा था कि वियतनाम अमेरिका के साथ रक्षा साझेदारी नहीं चाहता है, “लेकिन वह संबंध चाहता है क्योंकि वह चीन को बताना चाहता है कि वह अकेला नहीं है और अपना साझेदार स्वयं चुन सकता है।
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